डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में अब नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से बचाने के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया जा रहा है। टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड शहर की नागरिक सेवाओं को और अधिक पारदर्शी व असरदार बनाने के लिए जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। इसके लिए एसरी इंडिया एंटरप्राइज के जीआईएस सिस्टम की मदद ली जा रही है।
क्या है यह नई तकनीक और कैसे करेगी काम?
इस हाई-टेक सिस्टम के तहत हवाई लिडार सर्वे और डिजिटल मैपिंग के जरिए पूरे शहर के बुनियादी ढांचे का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इस सिस्टम में शहर की हर एक चीज का सटीक रिकॉर्ड होगा।
सटीक मैपिंग: शहर की सभी इमारतें, सड़कें, स्ट्रीट लाइटें, बिजली के खंभे और पानी के स्रोत।
रियल-टाइम ट्रैकिंग: जल निकायों की निगरानी और सफाई/ड्रेनेज से जुड़ी समस्याओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग हो सकेगी।
अतिक्रमण पर लगाम: सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जे को रोकने में यह तकनीक बेहद मददगार साबित होगी।
भूमिगत पाइपलाइनों की सुरक्षा: जमीन के नीचे मौजूद बिजली-पानी की पाइपलाइनों को नुकसान से बचाया जा सकेगा।
आम जनता और शहर को क्या फायदा होगा?
त्वरित शिकायत निवारण: जलजमाव, ड्रेनेज या सफाई जैसी नागरिक शिकायतों का समाधान अब पहले से ज्यादा तेजी से होगा।
पारदर्शिता और बेहतर मेंटेनेंस: नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता आएगी और इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।
JNAC क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन: जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति की नगर पालिका सीमाओं, प्वाइंट ऑफ इंटरेस्ट और टैगिंग की प्रक्रिया तेज होगी।
क्यों खास है यह कदम?
डेटा-आधारित इस प्रणाली से जमशेदपुर शहरी प्रशासन को नई मजबूती मिलेगी। डिजिटल मैपिंग से न सिर्फ शहर का मैनेजमेंट आसान होगा, बल्कि यह जमशेदपुर को एक स्मार्ट और सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

