बिहार की राजधानी पटना का नाम बदलने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब राजधानी अलग नाम से जानी जाएगी। सीएम सम्राट चौधरी बुधवार 17 जून को फुलवारीशरीफ, पटना के ग्राम नदियावां में सहयोग शिविर कार्यक्रम को दौरान इसका ऐलान कर दिया है।
अब पाटलिपुत्र कहलाएगी बिहार की राजधानी
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना का नाम बदलकर अब पाटलिपुत्र रखा जाएगा। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि हमलोग लंबे समय तक देखते थे। पटना की पहचान थी कंकड़बाग। लोग कहते थे कि एशिया का सबसे बड़ा टाउनशिप है। धीरे धीरे वो स्लम का इलाका बन गया, अब वो टाउनशिप नहीं रहा।
पटना की पहचान पाटलिपुत्र होनी चाहिए-सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसी कड़ी में कहा कि लोगों ने हमसे कहा कि आप बड़ा टाउशनिप बना रहे हैं। इसलिए पटना की पहचान नए नाम पाटलिपुत्र होना चाहिए। कई लोग मुद्दा बनाते हैं कि ये मगध की राजधानी थी, इसलिए इसका नाम पाटलिपुत्र था। इसका नाम बदल देना चाहिए। मैंने तो इससे बड़े पटना की कल्पना की है। मैं इसका नाम पाटलिपुत्र रखने का काम किया है।
पटना के लिए पाटलिपुत्र नाम नया नहीं
बता दें कि पटना के लिए पाटलिपुत्र नाम नया नहीं है। बिहार की राजधानी पटना पहले पाटलिपुत्र के नाम से जानी जाती थी। ऐसा कहा जाता है कि करीब 3 हजार साल पहले यहां पर बहुत सारे पाटलि के पेड़ थे। इसी वजह से इसका नाम पहले पाटलिग्राम और फिर पाटलिपुत्र हुआ। जानकार कहते हैं कि पटना शब्द पत्तन से बना है। 1704 ईसवी में इसका नाम बदलकर अजीमाबाद रखा गया हालांकि बाद में फिर से यह पटना हो गया। सरकार अब नई टाउनशिप का नाम पटना के पुराने नाम पाटलिपुत्र के नाम पर रखने जा रही है।

