पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की तबीयत अचानक खराब हो गई है। सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें पटना के कंकड़बाग इलाके में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जैसे ही यह खबर उनके भतीजे और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को लगी, वे तुरंत चाचा का हाल-चाल जानने अस्पताल पहुंच गए।
चिराग ने खुद दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे अभिभावक, अंकल श्री पशुपति कुमार पारस जी, आज सुबह से अस्वस्थ हैं। मैं पटना के एक अस्पताल में जाकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उचित उपचार के लिए आवश्यक निर्देश दिए।’
पशुपति पारस को बताया पिता समान
वहीं, मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि पशुपति पारस उनके लिए पिता समान हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां एक राजनेता के तौर पर नहीं, बल्कि एक बेटे के तौर पर अपने अभिभावक का हाल जानने आए हैं। चिराग ने कहा- ‘राजनीति अपनी जगह है, लेकिन परिवार में भले ही वैचारिक मतभेद रहे हों, सेहत और पारिवारिक रिश्तों के मामले में हम सब एक हैं। वे मेरे अभिभावक हैं और इस समय उनके साथ होना मेरा धर्म है।’
रामविलास पासवान के निधन के बाद बंटा परिवार
बता दें कि रामविलास पासवान के निधन के बाद पासवान परिवार और लोक जनशक्ति पार्टी में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। पार्टी की विरासत को लेकर चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच मतभेद बढ़ गए थे। इस विवाद के कारण लोक जनशक्ति पार्टी दो हिस्सों में बंट गई। एक हिस्सा चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोजपा (रामविलास) बना, तो दूसरा हिस्सा पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के रूप में सामने आया। केंद्र की राजनीति में भी इस झगड़े का असर पड़ा। पशुपति पारस केंद्रीय मंत्री बन गए थे, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जब चिराग पासवान की एनडीए गठबंधन में वापसी हुई, तो पारस को मंत्री पद से हटा दिया गया। इसके बाद उन्होंने खुद ही इस्तीफा दे दिया।

