बिहार में सम्राट चौधरी के रूप में बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री मिल गया है। बिहार की राजनीति में हुए बड़े फेरबदल और नए मुख्यमंत्री को लेकरह जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार किया है। विधानसभा चुनाव से ही सम्राट के धुर विरोधी प्रशांत किशोर ने सम्राट के सीएम बनने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
बीजेपी पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने भाजपा के पुराने नारे पर तंज कसते हुए कहा कि खुद को ‘चाल, चरित्र और चेहरा’ वाली पार्टी बताने वाली भाजपा ने बिहार को ऐसी सौगात दी है, जिसके तीनों ही पहलू (चाल, चरित्र और चेहरा) जनता के बीच चर्चा और सवाल के घेरे में है। उन्होंने बीजेपी के आचरण, चरित्र और प्रतिष्ठा को बनाए रखने के दावे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शीर्ष पद पर पदोन्नत किए जाने वाले व्यक्ति की इन मापदंडों पर गहन जांच होनी चाहिए।
पीके ने बताया किसके हाथ में होगी ‘सत्ता की चाबी’
पीके ने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया है, जिसके माध्यम से राज्य को बाहरी प्रभाव से चलाया जा सके। सम्राट चौधरी का नाम लिए बिना किशोर ने कहा कि राज्य में कौन व्यक्ति मुख्यमंत्री बना है, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना कि यह कि उसका नियंत्रण किसके हाथ में है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि नवनियुक्त मुख्यमंत्री की ‘सत्ता की चाबी’ या वास्तविक नियंत्रण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास होगा।
बेरोजगारी और पलायन पर जताई चिंता
साथ है प्रशांत किशोर ने बेरोजगारी और पलायन पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के बड़ी संख्या में युवा कम वेतन वाली नौकरियों की तलाश में गुजरात सहित अन्य राज्यों में पलायन करते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि गुजरात के लोग कारखाने के मालिक बने रहेंगे, जबकि बिहार के लोग मजदूर बने रहेंगे।

