डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: झारखंड के सोनुवा थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां पथ निर्माण विभाग के एक क्लर्क ने स्कूल दिखाने के बहाने एक नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की। हालांकि ग्रामीणों की सक्रियता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते आरोपी अब सलाखों के पीछे है।
सरकारी पद का रौब दिखाकर झांसे में लिया
आरोपी की पहचान सचिन सिंह के रूप में हुई है, जो चक्रधरपुर का निवासी है और वर्तमान में मनोहरपुर स्थित पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता कार्यालय में कार्यरत है। घटना 4 मई की है। आरोपी ने सोनुवा क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग को अकेला देख उसे स्कूल का रास्ता बताने के बहाने साथ चलने को कहा। जब लड़की ने मना किया, तो सचिन ने खुद को सरकारी कर्मचारी बताते हुए दावा किया कि वह स्कूल में CCTV कैमरा लगाने का काम देखने आया है। उसकी बातों में आकर पीड़िता मोटरसाइकिल पर बैठ गई।
जंगल ले जाकर की दरिंदगी की कोशिश
आरोपी मासूम को स्कूल से आगे एक सुनसान जंगल की ओर ले गया, जहां उसने दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर वहां से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी। लोगों को अपनी ओर आता देख आरोपी घबरा गया और बाइक लेकर भागने की कोशिश की। भागने के दौरान रास्ते में चढ़ाई होने के कारण आरोपी की बाइक फिसल गई और वह गिर गया। पकड़े जाने के डर से वह अपनी बाइक मौके पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर पैदल ही जंगल की ओर भाग निकला।
चोरी की झूठी कहानी भी नहीं आई काम
पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए शातिर लिपिक ने एक मनगढ़ंत कहानी रची। उसने थाने में अपनी बाइक चोरी होने की सूचना दी ताकि वह खुद को निर्दोष साबित कर सके। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
6 मई: पीड़िता की मां ने सोनुवा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
7 मई: पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर आरोपी सचिन सिंह को गिरफ्तार किया।
जांच: पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच कराई है और अदालत में उसका बयान दर्ज कराया गया है। सोनुवा पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एक सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति की इस घिनौनी करतूत से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

