बिहार की राजनीति में एक नया बवाल शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसके बाद बिहार में सियासी हलचल बढ़ गई है। दरअसल, बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को मुस्लिम शख्स से हाथ से टोपी पहनने से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यकर्ता सम्मान जनता दरबार के दौरान एक मुस्लिम कार्यकर्ता के द्वारा दिए गए अंगवस्त्र को गले से लटकाया पर टोपी पहनना स्वीकार नहीं किया। जिसको लेकर चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है।
सम्राट चौधरी ने नहीं पहनी टोपी
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी से मिलने वालों का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय चार देश रत्न मार्ग में नेताओं और आम लोगों से मुलाकात की है। सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान कई लोगों ने उनका अभिवादन किया। किसी ने उन्हें फूल माला पहनाई तो किसी ने शॉल ओढ़ाकर सम्मान दिया। इसी दौरान मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि ने सम्राट चौधरी को टोपी पहनाने की कोशिश की। लेकिन मुख्यमंत्री ने टोपी हाथ में ले लिया और गमछा ओढ़कर सम्मान स्वीकार किया।
शॉल को सीएम ने मुस्कुराते हुए किया स्वीकार
वीडिये में देखा जा सकता है कि सम्राट चौधरी ने पीछे खड़े गार्ड को टोपी पास कर दी। वहीं, इसके बाद इसी मुस्लिम शख्स ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक शॉल भेंट किया, जिसे सीएम ने मुस्कुराते हुए स्वीकार किया और पहन लिया। यह घटना सबके सामने हुई।
नीतीश ने भी टोपी पहनने से किया था किनारा
हालांकि, पूर्व सीएम नीतीश कुमार अक्सर टोपी पहनते नजर आते थे, लेकिन 2020 के चुनाव के बाद से उनकी भी रणनीति में बदलाव देखने को मिला। कई कार्यक्रमों में उन्होंने टोपी पहनने से इनकार कर दिया था। अगस्त 2025 में पटना के बापू सभागार में आयोजित ‘मदरसा शिक्षा बोर्ड’ के शताब्दी समारोह में जब जमा खान ने उनको टोपी पहनाने की कोशिश की तो उन्होंने मुस्कुराते हुए वही टोपी जमा खान को पहना दी थी, लेकिन शॉल खुशी-खुशी स्वीकार कर ली थी।

