Bihar: ‘विरासत को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं’, रोहिणी आचार्य ने अब किस पर कसा तंज?

Reena Sharma
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राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोहिणी आचार्य ने शनिवार को क बार फिर पार्टी और परिवार के भीतर चल रही कथित सियासत तिखी टिप्पणी की।

आरजेडी की सियासत में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का एक और पोस्ट सामने आया है। रोहिणी आचार्य ने बिना किसी का नाम लिए आज एक बार फिर से तीखा हमला बोला। रोहिणी के कई बयान बिहार की राजनीति में हलचल मचा चुके हैं। इसके बाद शनिवार को उनके ताजा पोस्ट ने एक बार फिर से बिहार की राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है।

कौन हैं ‘अपने’ और अपनों के षड्यंत्रकारी ?

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रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा, “बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी “बड़ी विरासत” को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, ‘अपने’ और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी ‘नए बने अपने’ ही काफी होते हैं।”

वजूद के निशान को मिटाने पर कौन आमादा?

लालू की लाड़ली यहीं नहीं रूकीं, उन्होंने आगे लिखा- हैरानी तो तब होती है, जब “जिसकी” वजह से पहचान होती है, जिसकी वजह से वजूद होता है, उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर “अपने” ही आमादा हो जाते हैं। जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है…तब “विनाशक” ही आंख-नाक और कान बन बुद्धि-विवेक हर लेता है।”

तेजस्वी और उनके सहयोगियों पर लगा चुकीं हैं गंभीर आरोप

बता दें कि रोहिणी आचार्य का ये पहला पोस्ट नहीं है। इससे पहले भी वो कई वार अपने पोस्ट के जरे भाई तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगा चुकीं हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद भी रोहिणी आचार्य ने परिवार त्यागने और राजनीति छोड़ने की घोषणा की थी। रोहिणी ने खुद को अपमानित बताते हुए कहा था कि उनके ऊपर चप्पल तक फेंककर मारी गई।

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