भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इसमें बिहार की पांच सीटों में से दो पर अपने प्रत्याशी के नामों की घोषणा कर दी है। बिहार से जिन दो नामों की घोषणा हुई, उनमें नितिन नवीन और शिवेश राम शामिल हैं। इनमें से दो सीटों पर सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड अपने उम्मीदवार उतारेगी। इसके अलावा चर्चा है कि पांचवी सीट पर उपेंद्र कुशवाहा फाइट करेंगे। ऐसे में अब तक चर्चा में चले आ रहे पवन सिंह का पत्ता कट गया है।
नितिन नवीन से भी मिले थे पवन सिंह
बता दें कि पवन सिंह के नाम की चर्चा काफी दिनों से हो रही थी कि उन्हें पार्टी राज्यसभा भेज सकती है। पवन सिंह ने पिछले महीने (फरवरी) बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से दिल्ली में मुलाकात की थी। उन्होंने इसे शिष्टाचार मुलाकात करार दिया था। क्या बीजेपी उन्हें राज्यसभा भेजेगी, इस सवाल पर उन्होंने जवाब दिया था, “मैं भाई हूं, जो मालिक चाहेंगे वही न होगा।”
लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने दिया था मौक
पवन सिंह को 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने टिकट दिया था। उन्हें पश्चिम बंगाल से उम्मीदवार बनाया गया था। लेकिन उनके एक पुराने गीत को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने वहां से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने बिहार की काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा। वहां मैदान में उपेंद्र कुशवाहा भी थे। मुकाबला त्रिकोणीय हुआ और दोनों को हार का सामना करना पड़ा। राजनीति के जानकारों का मानना है कि वोटों के बंटवारे का लाभ तीसरे उम्मीदवार को मिला।
बीजेपी के साथ रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे
लोकसभा चुनाव के बाद कुछ समय तक पार्टी और पवन सिंह के रिश्तों में दूरी दिखी। लेकिन, 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी के लिए सक्रिय प्रचार किया। जिसके बाद कहा जा रहा था कि पार्टी पवन सिंह को इसका ईनाम देगी। हालांकि, ऐसा होना नहीं दिख रहा है।

