मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा से जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) के कार्यकर्ता सदमे में हैं। गुरूवार को नीतीश कुनार के फैसले के विरोध में पूरे बिहार में जदयू कार्यकर्ता ने प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। पटना स्थित जदयू के प्रदेश कार्यालय में तोड़फोड़ की। नाराजगी आज भी दूर नहीं हुई है।
पोस्टरों के जरिए कार्यकर्ताओं ने दिखाई नाराजगी
कार्यकर्ताओं की नाराजगी अब सड़कों और पोस्टरों के जरिए भी सामने आ रही है। पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय के बाहर कई पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में मुख्यमंत्री से फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की गई है। इस पोस्टर में ‘पोस्टकार्ड अभियान’ चलाने की भी बात भी कही गई है।
पोस्टर के जरिए निर्णय पर पुनर्विचार की मांग
पोस्टर में लिखा है, ‘जेडीयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों में समर्थकों ने लिखा है कि नीतीश सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर पुनर्विचार, लोकतंत्र में जनता के जनादेश और आत्मसम्मान का हनन, अब नहीं होगा सहन।’ इस पोस्टर में ‘पोस्टकार्ड अभियान’ चलाने की भी बात भी कही गई है।
अमरेंद्र दास सीएम आवास के बाहर आमरण अनशन पर बैठे
वहीं, जदयू के प्रदेश महाचिव अमरेंद्र दास त्रिलोक मुख्यमंत्री आवास के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। वह हाथ में बैनर लेकर सीएम नीतीश कुमार से बिहार नहीं छोड़ने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग वह किसी भी हालत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिल्ली नहीं जाने देंगे। अमरेंद्र दास त्रिलोक ने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो वह अपनी जान भी दे देंगे, लेकिन मुख्यमंत्री को दिल्ली नहीं जाने देंगे।
जदयू कार्यालय में जमकर तोड़फोड़
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के विरोध में जदयू कार्यकर्ता भड़क गए है। गुरूवार को गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पहले सीएम हाउस के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद जदयू कार्यालय में तोड़फोड़ करने लगे। जदयू नेताओं ने कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और ललन सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इनलोगों पर भाजपा से मिले होने का भी आरोप लगाया।

