डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: जिले को नशामुक्त बनाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर पूरी तरह विराम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नार्कोटिक्स समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने और युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए रणनीति तैयार की गई।
इन क्षेत्रों पर रहेगी पैनी नजर
उपायुक्त ने पुलिस और उत्पाद विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से बागबेड़ा, जुगसलाई, और बर्मामाइंस जैसे संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर वहां विशेष निगरानी और नियमित छापेमारी करने को कहा गया है।
बैठक के मुख्य निर्णय और निर्देश
सघन जांच अभियान: बस, ऑटो, ट्रक और स्कूल वैन चालकों की समय-समय पर जांच की जाएगी ताकि परिवहन के दौरान नशे के प्रसार को रोका जा सके।
शिक्षण संस्थानों पर सतर्कता: स्कूल और कॉलेजों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष टीम तैनात की जाएगी। युवाओं को जागरूक करने के लिए शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
त्वरित कार्रवाई: मादक पदार्थों की तस्करी और भंडारण से जुड़े मामलों में त्वरित अनुसंधान कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पुनर्वास पर जोर: नशा मुक्ति केंद्रों और पुनर्वास सेवाओं को और अधिक सक्रिय बनाया जाएगा।
आम जनता से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे समाज को नशामुक्त बनाने में मदद करें। यदि कहीं भी ड्रग्स के अवैध व्यापार, सेवन या परिवहन की जानकारी मिले, तो तुरंत टोल फ्री नंबर 112, पुलिस कंट्रोल रूम 0657-2431028 इन नंबरों पर सूचना दे।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में उपायुक्त के साथ वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पाण्डेय, धालभूम एसडीएम अर्णव मिश्रा, डीटीओ धनंजय, घाटशिला एसडीओ सुनील चंद्र, एडीएम एसओआर राहुल जी आनंद, रेल डीएसपी और अन्य विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

