ईद पर पहली बार गांधी मैदान नहीं पहुंचे नीतीश कुमार, बेटे निशांत ने संभाली ये जिम्मेदारी

Neelam
By Neelam
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बिहार समेत पूरे देश में ईद का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में शनिवार को ईद-उल-फितर की नमाज अदा की गई। हालांकि, इस बार का नजारा कुछ अलग था। गांधी मैदान में बारिश के बीच हजारों लोगों ने नमाज अदा की। करीब 20 हजार नमाजियों की मौजूदगी ने माहौल को पूरी तरह रूहानी बना दिया। लेकिन इस बार ईद की नमाज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं पहुंचे।

20 वर्षों में पहली बार टूटी परंपरा

करीब 20 वर्षों में यह पहला मौका रहा जब नीतीश कुमार गांधी मैदान में ईद की नमाज में शामिल नहीं हुए। मुख्यमंत्री बनने के बाद से वह हर साल यहां पहुंचते रहे थे। पिछले दो दशक से ये परंपरा चली आ रही था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गांधी मैदान पहुंचकर नमाजियों से मिलते और लोगों को ईद की बधाई देते। वो अक्सर पारंपरिक टोपी पहनकर यहां आते थे और इमाम से मुलाकात करते थे। ये पहली बार है, जब सीएम नीतीश कुमार इस मौके पर गांधी मैदान में उपस्थित नहीं हैं।

नीतीश कुमार की जगह निशांत पहुंचे गांधी मैदान

राज्यसभा सांसद बन चुके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफे के पहले इस बार अपने बेटे निशांत कुमार को ईद की नमाज में शामिल होने के लिए भेजा। मुख्यमंत्री की जगह उनके बेटे निशांत कुमार कार्यक्रम में शामिल हुए। अपने पिता नीतीश कुमार की जगह निशांत कुमार ने मौजूद रहकर बिहार वासियों को ईद की मुबारकबाद दी और लोगों के साथ संवाद किया।

निशांत कुमार सीएम सिक्योरिटी में पहुंचे गांधी मैदान

नीतीश कुमार की जगह गांधी मैदान में निशांत कुमार की सुरक्षा में सीएम सिक्योरिटी की टीम तैनात रही। उनके साथ जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री अशोक चौधरी समेत पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद रहे। मंच पर मुस्लिम नेताओं ने निशांत कुमार को गमछा ओढ़ाकर स्वागत किया।

नीतीश कुमार ने दिया बड़ा संदेश

भारतीय जनता पार्टी के साथ तालमेल रखने के साथ ही नीतीश कुमार लगातार अल्पसंख्यक मुस्लिम समाज को भी जनता दल यूनाईटेड के साथ जोड़ कर रखने में कामयाबी हासिल की। इस दौरान उन्होंने अपनी छवि इस तरह से बनाये रखने में सफलता हासिल की, जिससे हर समाज का सगयोग और समर्थन उन्हें मिलता रहा। नीतीश कुमार ने इस बार अपने बेटे निशांत कुमार को ईद की नमाज में शामिल होने के लिए भेज कर एक बड़ा संदेश देने का काम किया।

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