सरायकेला में ACB का बड़ा धमाका: 40 लाख की डील, 5 लाख लेते धराए भू-अर्जन विभाग के बाबू

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड में भ्रष्टाचार पर नकेल कसते हुए एसीबी की टीम ने सोमवार को सरायकेला समाहरणालय और गम्हरिया ब्लॉक में बड़ी कार्रवाई की। भू-अर्जन विभाग के बड़ा बाबू प्रीतम आचार्य और उनके सहयोगी दलाल विनय तिवारी को रिश्वत लेते हुए दबोचा गया है।

बैठक छोड़कर रिश्वत लेने निकले थे ‘बड़ा बाबू’
हैरानी की बात यह है कि जिस वक्त यह गिरफ्तारी हुई, उस समय समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में भू-अर्जन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। प्रीतम आचार्य बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर निकले और रुपयों का लेनदेन करने लगे। पहले से जाल बिछाकर बैठी एसीबी की टीम ने उन्हें मौके पर ही धर दबोचा।

पूरा मामला: ₹40 लाख की डील और रंगे हाथ गिरफ्तारी
एसीबी के डीएसपी इंद्रदेव राम के अनुसार, जमीन मुआवजे की राशि के भुगतान के बदले में कुल 40 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी गई थी।

पहली किश्त: सोमवार को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 5 लाख रुपये दिए जाने थे।

दलाल की भूमिका: गम्हरिया के विनय तिवारी के माध्यम से यह रकम प्रीतम आचार्य तक पहुंचाई जा रही थी।

गिरफ्तारी: टीम ने विनय तिवारी को गम्हरिया प्रखंड कार्यालय से और प्रीतम आचार्य को डीसी ऑफिस परिसर से गिरफ्तार किया।

एसीबी डीएसपी इंद्रदेव राम ने बताया कि मुआवजा राशि के भुगतान के लिए 40 लाख की मांग हुई थी। 5 लाख की पहली किश्त लेते हुए आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया है।

कार्रवाई के बाद मची अफरा-तफरी
इस अचानक हुई छापेमारी से उपायुक्त कार्यालय और गम्हरिया प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम प्रीतम आचार्य को उनके आवास पर ले गई, जहां घंटों तलाशी अभियान और पूछताछ चली। इसके बाद टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ जमशेदपुर ले गई है।

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