डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: पश्चिमी सिंहभूम के घने जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान के बीच एक हृदयविदारक घटना घटी है। टोन्टो थाना क्षेत्र के पालीसाई कैंप में तैनात जवान अजय किशोर खाका की अपनी ही सर्विस राइफल (इंसास) से गोली लगने के कारण मौत हो गई। घटना रविवार रात की है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को शोक में डुबो दिया है।
नक्सलियों से लोहा ले रहे थे अजय
गुमला जिले के रायडीह के रहने वाले अजय किशोर खाका कोई साधारण ड्यूटी पर नहीं थे। वह सीआरपीएफ 174 बटालियन के साथ मिलकर सारंडा के दुर्गम जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए थे। एक तरफ जहां वह बाहरी दुश्मनों से लड़ रहे थे, वहीं शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि वे भीतर ही भीतर मानसिक तनाव से भी जूझ रहे थे।
घटना के मुख्य बिंदु
शोक की लहर: घटना की सूचना मिलते ही चाईबासा पुलिस मुख्यालय में सन्नाटा पसर गया। किरीबुरू एसडीपीओ अजीत केरकेट्टा ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच की कमान संभाली।
जांच का दायरा: हालांकि प्राथमिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस ‘सर्विस राइफल के अचानक चलने’ और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी बारीकी से जांच कर रही है।
अंतिम विदाई: जवान के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक गांव गुमला भेजने की तैयारी की जा रही है, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जा सकती है।
वर्दी के पीछे का संघर्ष
यह घटना एक बार फिर सुरक्षा बलों के उस मानसिक दबाव की ओर इशारा करती है, जिसमें वे कठिन परिस्थितियों और परिवार से दूर रहकर ड्यूटी करते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विभागीय जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी कि आखिर उस रात कैंप में क्या हुआ था।

