बिहार – ‘राजस्व कर्मचारी’ नहीं अब बोलिए ‘सहायक राजस्व अधिकारी’: महीनों का गतिरोध टूटने के कगार पर

KK Sagar
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सरकार-कर्मचारी संघ में बनी सहमति, निलंबित कर्मियों की बहाली का रास्ता साफ—जल्द खत्म हो सकता है गतिरोध

बिहार में लंबे समय से चल रही राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बीच हुई अहम वार्ता में कई बड़े मुद्दों पर सहमति बन गई है, जिससे जल्द समाधान के संकेत मिल रहे हैं।

सबसे बड़ा फैसला कर्मचारियों के पदनाम को लेकर हुआ है। अब “राजस्व कर्मचारी” का पदनाम बदलकर “सहायक राजस्व अधिकारी” करने पर सहमति बनी है। विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की अनुशंसा करने की बात कही है, जिसे मुख्य सचिव के माध्यम से सम्राट चौधरी (मुख्यमंत्री) को भेजा जाएगा।

हड़ताल अवधि को लेकर भी सरकार ने नरम रुख अपनाया है। तय किया गया है कि हड़ताल के दौरान कर्मचारियों की सेवा बाधित नहीं मानी जाएगी, बल्कि इस अवधि को असाधारण अवकाश के रूप में समायोजित किया जाएगा। इससे हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

कर्मचारी संघ के प्रवक्ता ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि उनकी मांगें नई नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्व संवर्ग के अधिकारियों को डीसीएलआर (DCLR) बनाने को लेकर सरकार पहले ही सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है। इस मुद्दे पर पटना हाई कोर्ट का आदेश भी कर्मचारियों के पक्ष में है।

इसी बीच विभाग के अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर हड़ताल के दौरान निलंबित किए गए कर्मचारियों की बहाली की अनुशंसा की है। गौरतलब है कि ये कर्मचारी 11 फरवरी से हड़ताल पर थे और बड़ी संख्या में निलंबित कर दिए गए थे।

पत्र में यह भी कहा गया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में राजस्व कर्मचारियों की भूमिका बेहद अहम होती है, इसलिए उनकी जल्द बहाली जरूरी है।

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