बिहार के मुंगेर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने है। इस मामले में जहां पुलिसिया जांच सवालों के घेरे में हैं, वहीं चंद रूपयों की खातिर मर्यादा तार-तार होती दिख रही है। यहां चार साल पहले एक मां ने कुछ रिश्तेदारों के साथ मिलकर अपनी ही नाबालिग बेटी को अपहरण और बलात्कार ‘पीड़ित’ दिखाने की साजिश रची। यह सब सिर्फ सरकार से मिलने वाले 4 लाख रुपये के मुआवजे के लिए किया गया। इसका खुलासा खुद युवती ने किया है।
बालिग होते ही युवती ने पूरी साजिश से पर्दा उठाया
बालिग होते ही मुंगेर की उस युवती ने खुद पूरी साजिश से पर्दा उठा दिया है। धरहरा थाना क्षेत्र की रहने वाली इस युवती ने राष्ट्रपति, बिहार के राज्यपाल और हाईकोर्ट को पत्र लिखकर स्वीकार किया है कि साल 2022 में उसके साथ जो ‘अपराध’ दिखाया गया था, वह पूरी तरह से झूठा था। उसने साफ कहा कि न उसका अपहरण हुआ था और न ही उसके साथ कोई दुष्कर्म। यह कहानी उसकी अपनी मां और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर रची थी, ताकि सरकार से मिलने वाला मुआवजा हासिल किया जा सके।
मुआवजे की रकम को बताया ‘खून का पैसा’
कथिक पीड़िता मौसमी कुमारी उर्फ मौसमी सिंह ने अपने पत्र के जरिए पूरी घटना का विस्तृत ब्योरा दिया है। इस रकम को ‘खून का पैसा’ बताते हुए युवती ने कहा कि वह इसे सरकार को वापस लौटाना चाहती है। एक भावुक अपील में उसने लिखा कि अब उसका जमीर उसे यह गवारा नहीं करता कि वह चुपचाप देखती रहे, जबकि उसकी हरकतों की वजह से एक बेकसूर इंसान सलाखों के पीछे अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहा हो।
एक बेगुनाह काट रहा उम्रकैद की सजा
युवती के मुताबिक, उस समय उसकी उम्र महज 14 साल थी। उसे बहला-फुसलाकर और दबाव डालकर इस झूठी कहानी का हिस्सा बनाया गया। इस साजिश के तहत पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई, मेडिकल और बयान की प्रक्रिया पूरी की गई, और आखिरकार अदालत ने उसी आधार पर रवि कुमार नाम के युवक को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी।
परिवार ही नहीं पुलिस पर भी गंभीर आरोप
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि युवती ने अपने पत्र में पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उसे 30 घंटे से ज्यादा समय तक हिरासत में रखकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, ताकि वह वही बयान दे जो उससे दिलवाना था। उसने जमालपुर थाना के सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है, जिससे उस समय की सच्चाई सामने आ सके।
जांच के लिए एसआईटी गठन की मांग
इस मामले में फिलहाल जेल में सजा काट रहे रवि कुमार के संबंध में उस युवती ने साफ तौर पर कहा है कि वह उन्हें जानती भी नहीं है और वह पूरी तरह से बेकसूर हैं। युवती ने राष्ट्रपति, राज्यपाल और पटना हाई कोर्ट से अपील की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए।
मुआवजा लौटाने और निर्दोष को रिहा करने की अपील
युवती ने गलत चार्जशीट दाखिल करने वाले और जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है। उसने सरकार से अपने परिवार को मिले 4 लाख रुपये लौटाने और निर्दोष व्यक्ति को रिहा करने की अपील की है। अपने पत्र में उसने बताया कि 1 अप्रैल 2026 को बालिग होने के बाद उसने यह कदम उठाया, ताकि वह बिना दबाव अपनी बात रख सके। फिलहाल यह मामला पटना हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

