देश का राजनीतिक पारा इन दिनों कॉकरोट जनता पार्टी के प्रदर्शन के कारण हाई है। जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रोटेस्ट अब भी जारी है। उधर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। इस बीच सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में मुलाकात की है।
जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने वांगचुक से की मुलाकात
दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक को आगे के इलाज के लिए मंगलवार शाम को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया। सोनम वांगचुक को कड़ी सुरक्षा के बीच शाम करीब 7:30 बजे एम्बुलेंस से मेदांता लाया गया। इस बीच, सूत्र ने बताया कि दोनों केंद्रीय मंत्रियों यानी जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की।
सरकार की बड़ी पहल
दिल्ली में जारी मौजूदा गतिरोध खत्म करने के लिए ये सरकार की बड़ी पहल मानी जा रही है। दरअसल, सोनम वांगचुक अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर हैं। सोनम 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने नीट समेत कई परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर अनशन रखा है। उनकी मांग शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करना है।
सड़क से संसद तक सियासत गरमायी
बता दें कि नीट पेपर लीक पर सड़क से संसद तक सियासत गरमा गई है। विपक्षी दल भी लगातार सरकार को घेरने में लगे हुए हैं। विपक्ष के नेता जंतर-मंतर पर भी पहुंच रहे हैं और सरकार के रवैये पर सवाल उठा रहे हैं। बुधवार देर रात जंतर-मंतर पहुंचे शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी सरकार को घेरा। उद्धव ने आरोप लगाया कि ये सरकार छात्रों का भला नहीं चाहती। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि वो तब तक प्रदर्शन करेंगे जबतक सरकार छात्रों की मांगे नहीं मान लेती। दूसरी ओर सरकार कह रही है कि वह मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है लेकिन विपक्ष सिर्फ लोगों को गुमराह कर रहा है।

