जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर पहली बार चुनावी मैदान में हैं। प्रशांत किशोर पटना के बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की रेखा गुप्ता से है। हालांकि, चुनाव से पहले पीके की मुश्किलें बढ़ती दिख रही है। दरअसल, भाजपा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर प्रशांत किशोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
प्रशांत किशोर पर लगाए ये आरोप
बिहार बीजेपी के नेताओं ने सोमवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर शिकायत दर्ज कराई। बीजेपी ने आरोप लगाया कि जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार में तय सीमा से ज्यादा पैसा खर्च किया है। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की भी कोशिश की जा रही है।
40 लाख से अधिक पीके का चुनावी खर्चा
चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि ”लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन सभी उम्मीदवारों के लिए समान रूप से अनिवार्य है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने 40 लाख रुपए की निर्धारित चुनावी व्यय सीमा से कहीं अधिक खर्च किया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने इस संबंध में चुनाव आयोग को दस्तावेजी साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं।
फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से प्रचार का आरोप
भाजपा का दावा है कि चुनावी खर्च को छिपाने के लिए विभिन्न कंपनियों के माध्यम से सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रचार कराया जा रहा है। उनके अनुसार, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को भुगतान किया जा रहा है और कृत्रिम माहौल तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
विदेश से संचालित हो रहे सोशल मीडिया अकाउंट- बीजेपी
यही नहीं, बिहार सरकार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव आयोग को ऐसे कई सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी दी है, जिनकी लोकेशन देश के बाहर की है। उन्होंने कहा कि विदेश से संचालित अकाउंट के जरिए बिहार के राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने और नेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां प्रसारित की जा रही हैं।
ईडी से जांच कराने की मांग
बीजेपी ने प्रशांत किशोर की कंपनी की ED से जांच कराने की भी मांग की है। बाजेपी ने पीके के ऐसे सभी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और कथित शेल कंपनियों की जांच करने की मांग की।

