बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को ग्रामीण क्षेत्रों में लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। हालांकि, हैरत की बात ये रही कि सरकार को उनके अपने ही विधायकों ने घेर लिया। सत्ता पक्ष के विधायक अपनी ही सरकार के मंत्री को कठघरे में खड़ा करते हुए नजर आए।
श्याम रजक और जीवेश मिश्रा ने उठाया स्ट्रीट लाइट का मुद्दा
आज विदानसभा में जदयू विधायक श्याम रजक और बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा ने गांवों में खराब पड़ी सोलर स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा उठाया। विधायकों का कहना है कि, ग्रामीण इलाकों में लगाई गई बड़ी संख्या में सोलर लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे गांवों में फिर अंधेरे जैसी स्थिति बन गई है।
श्याम रजक बोले-70 फीसदी सोलर स्ट्रीट लाइटें खराब
पूर्व मंत्री श्याम रजक ने सरकार पर आरोप लगाया कि लक्ष्य के विरुद्ध 97 प्रतिशत सोलर लाइट लगे हैं। उनमें भी 70 प्रतिशत बुझे हुए हैं। उनका आरोप था कि विभाग ने टेंडर के जरिए एजेंसियों से लाइटें लगवाईं, काम पूरा होने के बाद भुगतान भी हो गया, लेकिन अब भी गांव में कई जगहों पर सोलर लाइटें खराब स्थिति में पड़ी हुई हैं, यहां तक की उनकी मरम्मत भी नहीं कराई जा रही है।
दीपक प्रकाश ने दिया ये जवाब
हालांकि, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने जवाब में कहा कि ऐसी बात नहीं है। कुछ सोलर लाइट के बारे में सूचना मिली है उसे देखने के लिए निर्देश दिया गया है। कुछ सोलर लाइट के बारे में सूचना मिली है उसे देखने के लिए निर्देश दिया गया है। साथ ही सदन को पंचायती राज मंत्री ने आश्वस्त किया कि कोई ठेकेदार भागा नहीं है। बाद में व्यवस्था के लिए 30 प्रतिशत राशि सुरक्षित रखी जाती है।
जीवेश मित्रा ने दी पंचायती राज मंत्री को खुली चुनौती
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के जवाब से एनडीए के विधायक असंतुष्ट नजर आए। मंत्री दीपक प्रकाश के जवाब से असंतुष्ट बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा ने सदन में खड़ा होते हुए कहा कि, जब सत्ता पक्ष के विधायक ही इतनी बड़ी संख्या में लाइटें खराब होने की बात कह रहे हैं, तो सरकार को जमीनी हकीकत स्वीकार करनी चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने मंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे उनके विधानसभा क्षेत्र में चलकर देखें। वहां 50 फीसदी से ज्यादा सोलर स्ट्रीट लाइटें बंद मिलेंगी। उन्होंने कहा कि विभागीय रिपोर्ट और गांवों की वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है

