बिहार में भ्रष्टाचार के कारण सरकार का खजाना खाली…, तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार को घेरा

Reena Sharma
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बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव इन दिनों पूरे फॉम में हैं। वे लगातार प्रदेश सरकार पर हमलावर हैं। अब तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन को लेकर बड़ा हमला बोला है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि सरकार का खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि एनडीए सरकार में भ्रष्टाचार इतना विराट हो गया कि भ्रष्टचारी ही ‘सम्राट’ हो गया।

30 दिनों में 41000 करोड़ खर्च का आरोप

तेजस्‍वी यादव ने एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार वित्तीय संकट से जूझ रही है। इसी कारण हाल के दिनों में दोबारा निधि निकासी एवं व्यय नियंत्रण से जुड़े निर्देश जारी किए गए हैं। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि अपनी कुर्सी बचाने के लिए भ्रष्ट रिटायर्ड और कॉम्प्रोमाइज्ड उच्च अधिकारियों और एजेंसियों से डरी भूंजा गैंग ने अचेत निष्क्रिय मुख्यमंत्री से मिलकर खटारा सरकार से चुनाव से पहले महज 30 दिनों में करीब 41,000 करोड़ रुपये बंटवा दिया।

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वेतन-पेंशन के लिए भी सरकार के पास पैसे नहीं-तेजस्वी

आरजेडी नेता ने कहा कि बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन रुकी हुई है। छात्रों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं मिल रहा। कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के लिए भी सरकार के पास पैसे नहीं बचे हैं क्योंकि भ्रष्टाचार के चलते खजाना खाली है।

बिहार पर 4 लाख करोड़ रूपये से अधिक के कर्ज का बोझ-तेजस्वी

तेजस्वी ने आगे कहा, तंत्र-यंत्र और षड्यंत्र से बनी जुगाडू सरकार अब ब्याज पर उधार लेकर यानि कर्ज के सहारे चल रही है। यह भ्रष्ट सरकार 100 करोड़ से अधिक रुपये प्रतिदिन केवल ब्याज का भुगतान करने में खर्च कर रही हैं। हालात ये हैं कि एनडीए सरकार ने बिहार पर लगभग 4 लाख करोड़ रूपये से अधिक के कर्ज का बोझ लाद दिया है।

कैग की रिपोर्ट का दिया हवाला

भ्रष्टाचार के आरोपों को पुख्ता करने के लिए तेजस्वी ने कैग की रिपोर्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार 92132 करोड़ रुपये के खर्च का ‘उपयोगिता प्रमाण पत्र’ जमा नहीं कर पाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जनता की गाढ़ी कमाई के ये 90 हजार करोड़ रुपये कहां खर्च किए गए?

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