आखिर क्यों बढ़ रहे सुसाइड के मामले? जमशेदपुर में एक और कर्मचारी ने दी जान

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: लौहनगरी में आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं शहरवासियों के लिए चिंता का सबब बनती जा रही हैं। ताजा मामला बिष्टुपुर थाना क्षेत्र का है, जहां एक फॉगिंग कर्मचारी ने अपने कार्यस्थल पर ही फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

कार्यस्थल पर मिला शव
​मृतक की पहचान 45 वर्षीय मेघू मुखी के रूप में हुई है, जो धतकीडीह हरिजन बस्ती के निवासी थे। मेघू बिष्टुपुर के नॉर्दर्न टाउन स्थित पब्लिक हेल्थ सेंटर में फॉगिंग मशीन ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। बुधवार सुबह वह रोजाना की तरह अपने घर से काम के लिए निकले थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर होगा।

कैसे हुआ खुलासा?
​घटना की जानकारी तब हुई जब अन्य कर्मचारी अपनी शिफ्ट के लिए ड्यूटी पर पहुंचे। दफ्तर के भीतर मेघू का शव फंदे से लटकता देख सहकर्मियों के पैर तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही बिष्टुपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

जांच में जुटी पुलिस: सुसाइड नोट न मिलने से गहराया रहस्य
​पुलिस के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस फिलहाल मृतक के परिजनों और साथ काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है ताकि मौत की गुत्थी सुलझाई जा सके।

शहर में बढ़ता ‘मेंटल हेल्थ’ का संकट
​गौरतलब है कि जमशेदपुर में आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस घटना से महज एक दिन पहले सोनारी थाना क्षेत्र में भी एक महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे पारिवारिक तनाव, आर्थिक संकट, मानसिक स्वास्थ्य संभावित कारण हो सकते हैं।

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