डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर समाहरणालय सभागार में आपूर्ति विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को परखना और लाभुकों तक सेवाओं की पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।
योजनाओं की प्रगति पर पैनी नजर
बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
खाद्यान्न वितरण: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन वितरण की स्थिति।
विशेष योजनाएं: पीवीटीजी (PVTG) परिवारों के लिए ‘डाकिया योजना’, नमक वितरण और मुख्यमंत्री चना-दाल वितरण योजना।
पेंडेंसी का निपटारा: लंबित राशन कार्ड आवेदनों और ईआरसीएमएस (ERCMS) के तहत डीएसओ एवं बीएसओ स्तर पर रुके मामलों की समीक्षा।
धान अधिप्राप्ति: किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ दिलाने और लैंपस की सक्रियता बढ़ाने पर चर्चा।
’पात्र को लाभ, अपात्र का विलोपन’ का मंत्र
उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विभाग का प्राथमिक लक्ष्य हर पात्र व्यक्ति को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
सत्यापन में तेजी: अपात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाने और छूटे हुए पात्र व्यक्तियों को जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए।
औचक निरीक्षण: वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए अधिकारी फील्ड में जाकर अचानक जांच करें। अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई होगी।
शिकायत निवारण: पीजीएमएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने कहा कि वितरण प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें जवाबदेही तय हो। किसी भी गरीब का हक नहीं मारा जाना चाहिए। डोर स्टेप डिलीवरी और पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता है। इस उच्चस्तरीय बैठक में एडीएम (एसओआर) राहुल आनंद, जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी सहित आपूर्ति विभाग के सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और संबंधित कर्मचारी उपस्थित थे।

