डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को नवान्न (सचिवालय) में आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने कई ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार केंद्र के साथ तालमेल और सुशासन के एजेंडे पर चलेगी। नौकरी की राह देख रहे युवाओं से लेकर सीमा सुरक्षा तक, सरकार ने पहले ही दिन अपनी प्राथमिकताएं तय कर दी हैं।
युवाओं को ‘न्याय’: सरकारी नौकरी की उम्र सीमा में 5 वर्ष की छूट
कैबिनेट का सबसे बड़ा फैसला सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के पक्ष में रहा। मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन की अधिकतम आयु सीमा को 5 वर्ष बढ़ाने का निर्णय लिया है। सुवेंदु अधिकारी के अनुसार 2015 के बाद से नियुक्तियों में आए गतिरोध के कारण युवाओं का जो कीमती समय बर्बाद हुआ, यह उसकी भरपाई करने और उन्हें न्याय देने की कोशिश है।
केंद्र से ‘दोस्ती’: आयुष्मान भारत और BNS लागू
पिछली सरकार और केंद्र के बीच टकराव के बिंदुओं को खत्म करते हुए कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण फैसले लिए।
आयुष्मान भारत: अब बंगाल के करोड़ों नागरिकों को केंद्र की ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
भारतीय न्याय संहिता (BNS): बंगाल अब आधिकारिक तौर पर नए केंद्रीय कानूनों (BNS) को अपना चुका है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में एकरूपता आएगी।
सीमा सुरक्षा: BSF को 45 दिनों में मिलेगी जमीन
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार ने सीमा सुरक्षा बल को बड़ी राहत दी है। सीमा पर कटीले तार लगाने के लिए आवश्यक भूमि अब 45 दिनों के भीतर BSF को हस्तांतरित कर दी जाएगी। यह कदम घुसपैठ रोकने की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है।
लक्ष्मी भंडार जारी, लेकिन शर्ते लागू
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के लिए लोकप्रिय ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना बंद नहीं की जाएगी। हालांकि, अब इसका लाभ केवल वैध भारतीय नागरिकों को ही मिलेगा। इसके साथ ही अब राज्य के IAS अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण प्रणालियों से जोड़कर प्रशासनिक सुधार किए जाएंगे।
अगले सोमवार फिर बड़ी बैठक
सरकार ने संकेत दिया है कि यह तो बस शुरुआत है। कैबिनेट ने ‘आरजी कर’ कांड जैसे संवेदनशील मामलों और कर्मचारियों के बकाया डीए पर चर्चा करने के लिए अगले सोमवार को फिर से बैठक बुलाई है।

