पिता की हत्या का बदला लेने के लिए 30 साल बाद बरसाए तीर, आरोपी गिरफ्तार

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में प्रतिशोध की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने रोंगटे खड़े कर दिए। झींकपानी थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए 30 साल तक इंतजार किया और फिर मौका मिलते ही दुश्मन पर एक साथ 20 तीरों से हमला कर दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?
​घटना झींकपानी थाना क्षेत्र के टंकी बांदा के पास की है। यहां बेतिया गांव के रहने वाले चुइया बिरुली पर शनिवार को जानलेवा हमला हुआ। हमलावर कोई और नहीं, बल्कि चिड़िया पहाड़ी निवासी भगवान बिरुली उर्फ दोपे था। भगवान ने पुरानी रंजिश को लेकर चुइया पर धनुष से ताबड़तोड़ 20 तीर छोड़े। इस हमले में चुइया बिरुली को तीन तीर लगे। घायल अवस्था में उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर तीर निकाले। फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

30 साल पुराना वो ‘खूनी’ इतिहास
​पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ वह हैरान करने वाला है। जानकारी के अनुसार, आरोपी भगवान बिरुली के पिता लागो बिरुली की हत्या साल 1995 में कर दी गई थी। करीब तीन दशक बाद भगवान को यह पता चला कि उसके पिता की हत्या में चुइया बिरुली और उसकी टीम का हाथ था। तभी से वह बदले की आग में जल रहा था और सही मौके की तलाश में था।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
​सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टूटी ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए चाईबासा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। प्रशिक्षु IPS सह थाना प्रभारी राजकुमार जेयराजू और SDPO बहामन टूटी इसका नेतृत्व किया। पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर भगवान बिरुली को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया धनुष और तीर बरामद कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि वह अपने पिता की मौत का बदला लेना चाहता था और इसी इरादे से उसने चुइया बिरुली की हत्या करने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

छापेमारी दल में ये रहे शामिल
​इस सफल कार्रवाई में IPS राजकुमार जेयराजू, SDPO बहामन टूटी के साथ राजीव रंजन मिश्रा, दीपक कुमार मोहंती और झींकपानी थाने के अन्य जवान शामिल थे।

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