बिहार में मौसम को लेकर दोहरा अलर्ट, दक्षिण में सताएगी भीषण गर्मी, उत्तर-पूर्व में आंधी-बारिश की चेतावनी

Neelam
By Neelam
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बिहार में मौसम विभाग ने दो तरह का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार पटना सहित प्रदेश के अलग-अलग भागों में तापमान में वृद्धि के आसार है। कुछ जगहों पर लू जैसे हालात बनने रहने की संभावना है। वहीं, दूसरी तरफ कोसी-सीमांचल को लेकर मौसम विभाग ने बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।

6 जिलों में यलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने एक जून सुबह से दो जून तक के लिए बिहार के सात जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इनमें किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, सहरसा और मधेपुरा शामिल है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा

जारी चेतावनी के अनुसार प्रभावित जिलों में झोंकेदार हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की भी संभावना है। वज्रपात की आशंका को देखते हुए किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में रहेगा भारी तपिश का असर

वहीं, आगामी दिनों में दक्षिण और पश्चिम बिहार के जिलों में गर्मी का सबसे ज्यादा प्रकोप देखने को मिलेगा। विशेषकर रोहतास, भभुआ, बक्सर, अरवल और औरंगाबाद में मौसम अत्यधिक गर्म रहने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में सोमवार से ही अधिकतम तापमान में 4 से 8 डिग्री सेल्सियस तक का बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य

वहीं, राजधानी पटना समेत शेष 32 जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और सामान्य रहने का अनुमान है। पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, भागलपुर, मुंगेर, गया, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण समेत राज्य के अधिकांश जिलों को ग्रीन श्रेणी में रखा गया है। इन जिलों में फिलहाल किसी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

फिर चढ़ेगा पारा

आईएमडी के मुताबिक, बारिश का सिस्टम कमजोर पड़ते ही जून के पहले सप्ताह से सूबे में पछुआ हवाओं का प्रभाव बढ़ जाएगा। इसके कारण पारा तेजी से ऊपर चढ़ेगा और राज्य एक बार फिर भीषण लू की चपेट में आ जाएगा। जून की शुरुआत से ही लोगों को दोपहर के वक्त घरों से बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।

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