दुर्गापुर: पश्चिम बर्धमान जिले के पांडवेश्वर क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा और विवादों के केंद्र रहे कारोबारी युधिष्ठिर घोष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद इलाके में हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने उन्हें एक पुराने मामले में अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर शुक्रवार को दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई वर्ष 2002 में पांडवेश्वर थाना में दर्ज एक मामले के संबंध में की गई है। मामले में एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 379, 411 और 413 के तहत आरोप दर्ज हैं। जीआर केस संख्या 475/2002 में लंबित कानूनी प्रक्रिया के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
अवैध खनन और कोयला कारोबार को लेकर रहे चर्चित
युधिष्ठिर घोष का नाम वर्षों से अजय नदी क्षेत्र में कथित अवैध बालू खनन और पांडवेश्वर सहित आसपास के इलाकों में अवैध कोयला कारोबार से जुड़ता रहा है। विभिन्न जांच एजेंसियों की जांच में भी उनका नाम कई बार सामने आ चुका है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कथित अवैध खनन, तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में उनसे कई चरणों में पूछताछ कर चुका है। विधानसभा चुनाव से पहले अजय नदी क्षेत्र में कथित बालू तस्करी के मामले में ईडी ने उनके विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी भी की थी, जहां वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई थी।
संपत्तियों को लेकर भी रही चर्चा
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से यह चर्चा रही है कि युधिष्ठिर घोष ने कम समय में बड़ा कारोबारी नेटवर्क खड़ा किया। पांडवेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में उनके नाम से जुड़ी संपत्तियां, मकान, लग्जरी वाहन और अन्य निवेश अक्सर चर्चा का विषय बने रहे हैं। हालांकि इन संपत्तियों की वैधता और स्रोतों की जांच पहले से विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जाती रही है।
सामाजिक विवादों से भी जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार, अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के लोगों के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े मामले में भी उनके खिलाफ आरोप दर्ज हैं। इसी प्रकरण में अदालत द्वारा जारी वारंट के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी के बाद बढ़ी चर्चाएं
युधिष्ठिर घोष की गिरफ्तारी को पांडवेश्वर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका नाम लंबे समय से क्षेत्र के प्रभावशाली कारोबारी और खनन नेटवर्क से जुड़कर देखा जाता रहा है। गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

