रौशन आनंद और खान सर के बीच विवाद मामले में अब मानवाधिकार आयोग की एंट्री हो गई है।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद की गिरफ्तारी के मामले में एसएसपी कार्तिकेय शर्मा को नोटिस जारी किया है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन की पहल पर एक्शन
रौशन आनंद के लिए मानवाधिकार आयोग कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर ने पहल की है। मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर ने 10 जून को आयोग को पत्र लिखकर पटना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया था। इस पत्र के आधार पर आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की खंडपीठ ने संज्ञान लिया है।
आपराधिक मामले में गलत तरीके से फंसाने का आरोप
मानवाधिकार आयोग को दिए गए पत्र में ये आरोप लगाया गया है कि पटना के रौशन आनंद को फैजल खान की शह पर पटना पुलिस की ओर से आपराधिक मामले में गलत तरीके से फंसाया गया। इसमें कदमकुआं थाना पुलिस की ओर से मनमाना आचरण किया गया। विशाल दफ्तुआर ने लिखा है कि कदमकुआं में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जिसमें ये आरोप लगाया गया था कि कोचिंग निदेशक से जुड़े कुछ दूसरे लोग दूसरे कोचिंग सेंटर यानी खान ग्लोबल स्टडीज पर हमला और तोड़फोड़ में शामिल थे। लेकिन उचित जांच की जगह पुलिस ने कुछ ही घंटों के अंदर बिना किसी सबूत के रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी को दो सप्ताह का वक्त
पत्र के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एनएचआरसी संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया है। आयोग की ओर से ये माना गया है कि प्रथम दृष्टया पीड़ित के मानवाधिकारों का हनन हुआ है। ऐसे में पटना एसएसपी को मामले की जांच कर दो सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट को पेश करने के लिए कहा गया है।
रौशन आनंद ने खान सर पर लगाया गंभीर आरोप
वहीं, ज्ञान बिंदु कोचिंग एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद ने भी जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद खान सर पर गंभीर आरोप लगाए थे। रौशन आनंद ने कहा था कि खान सर ने उनके भाई प्रिंस यादव की हत्या कराई। इतना ही नहीं, जेल में भी उनकी हत्या की साजिश की गई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि धमकी मिली थी कि मैनेज नहीं किया गया तो भाई की हत्या करवा देंगे। खान सर ने साजिश के तहत फायरिंग कराई और फंसाया।
खान सर की कोचिंग पर हमले से बढ़ा विवाद
बता दें कि पटना में खान सर की कोचिंग पर 2 जून को हमला हुआ था। खान सर ने हमला करवाने का आरोप ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आंनद और उनके भाई प्रिंस यादव पर लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 3 जून को रोशन आनंद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। जेल से बाहर आने के बाद रोशन आनंद ने पटना पुलिस और खान सर पर साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया था।

