पलामू – मुख्यधारा में लौटने के बाद भी परेशान करने का आरोप, लोहरसी पंचायत के उपमुखिया ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

KK Sagar
4 Min Read

प्रेस वार्ता कर बोले- बिना जांच कार्रवाई न हो, हर मामले की हो निष्पक्ष पड़ताल; ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भी किया समर्थन

पलामू: जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत लोहरसी पंचायत के गिड़ी गांव में रविवार को लोहरसी पंचायत के उपमुखिया शकेंद्र गंझू उर्फ सोतम गंझू उर्फ मनमोहन गंझू ने अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में मुख्यधारा से जुड़ने के बाद उन्होंने आपराधिक गतिविधियों से पूरी तरह दूरी बना ली है और तब से समाजसेवा एवं जनहित के कार्यों में सक्रिय हैं। उनका कहना था कि वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में वार्ड सदस्य चुने जाने के बाद उन्हें लोहरसी पंचायत का उपमुखिया बनने का अवसर मिला और तब से वे पंचायत क्षेत्र के विकास तथा लोगों की सेवा में लगे हुए हैं।

शकेंद्र गंझू ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके पुराने नाम का दुरुपयोग कर उन्हें विभिन्न मामलों में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि यदि किसी भी घटना में उनका नाम सामने आता है तो बिना जांच के कोई कार्रवाई नहीं की जाए, बल्कि हर मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न थानों द्वारा उन्हें बार-बार पूछताछ के नाम पर परेशान किया जाता है, जबकि मुख्यधारा में लौटने के बाद उनका किसी भी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।

प्रेस वार्ता के दौरान उनकी पत्नी सरिता देवी ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से उनके पति परिवार और समाज के बीच रहकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने भी प्रशासन से आग्रह किया कि बिना पर्याप्त साक्ष्य के उन्हें किसी मामले में न फंसाया जाए।

लोहरसी पंचायत के मुखिया पति एवं समाजसेवी अरविंद कुमार सिंह तथा समाजसेवी मुकेश गुप्ता ने भी शकेंद्र गंझू का समर्थन करते हुए कहा कि वर्ष 2022 से वे उन्हें लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय देख रहे हैं। उनका कहना था कि मुख्यधारा में लौटने के बाद उन्होंने अपराध का रास्ता छोड़ दिया है और पंचायत के विकास कार्यों में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से बिना ठोस आधार के किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने की मांग की।

प्रेस वार्ता में मौजूद सोनू आलम, युनुस अंसारी, सुरेश गंझू, कमलेश गंझू, मटन गंझू, झुबर गंझू, पेरू गंझू, नरेश तुरी, कमाझी गंझू, पर्वतीय देवी, बसंती देवी और चरकी देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि मुख्यधारा में लौटने के बाद शकेंद्र गंझू समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बिना कारण प्रताड़ित नहीं किए जाने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।

> नोट: यह खबर प्रेस वार्ता में उपमुखिया, उनके परिजनों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्वारा रखे गए पक्ष पर आधारित है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....