पटना में भीड़ ने कानून को हाथ में लिया, फायरिंग कर भाग रहे थे बदमाशों को दबोचा, पीट-पीटकर एक की हत्या

Neelam
By Neelam
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पटना में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पहले ज़मीन के विवाद में ताबड़तोड़ गोलियां चलीं और फिर गुस्साई भीड़ ने इंसाफ अपने हाथ में लेते हुए एक आरोपी को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। 

कारोबारी पर की ताबड़तोड़ फायरिंग

घटना गौरीचक थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसीर, गौरीचक थाना क्षेत्र के लक्ष्मीचक निवासी जमीन कारोबारी सुरेश सिंह उर्फ मास्टर साहब अपने बरुणा स्थित कार्यालय में बैठे थे। तभी बाइक सवार तीन हथियारबंद बदमाश वहां पहुंचे और दहशत फैलाने के उद्देश्य से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में कारोबारी और वहां मौजूद लोग बाल-बाल बच गए।

फायरिंग कर बाइक से भाग रहे थे बदमाश

इधर, वारदात को अंजाम देकर बाइक से भाग रहे तीनों बदमाशों की खबर आसपास के ग्रामीणों को लगी। जिसके बाद परसा बाजार थाना क्षेत्र के छतना मोड़-धमौल मार्ग पर पाइप फैक्ट्री के पास ग्रामीणों ने घेराबंदी कर ली। ग्रामीणों ने धमौल गांव के पास दो आरोपियों को दबोच लिया। इसके बाद भीड़ का गुस्सा इस कदर फूटा कि दोनों की बेरहमी से पिटाई कर दी गई, जबकि तीसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

अस्पताल ले जाते ही एक ने तोड़ा दम

आक्रोशित भीड़ ने दोनों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। अस्पताल ले जाते ही उसने दम तोड़ दिया। दूसरे की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतक की पहचान तरेगना निवासी सूरज कुमार जबकि घायल की विवेक कुमार के रूप में हुई है। जिसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीसरा बदमाश लल्लू कुमार अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

जांच में जुटी पुलिस

पटना सदर एसडीपीओ रंजन कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से दो जिंदा कारतूस, एक खोखा और एक बाइक बरामद की है। जांच में सामने आया है कि बरामद बाइक फुलवारीशरीफ थाने से चोरी गई थी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। शुरुआती तफ्तीश में ज़मीन विवाद को इस खूनी संघर्ष की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। इस वारदात ने साफ कर दिया है कि अपराध और भीड़ की हिंसा, दोनों ही कानून के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं।

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