बिहार की एक बेटी ने फिर पूरे प्रदेश का माथा ऊंचा किया है। कटिहार की मीसा सिंह ने उद्यमिता की दुनिया में भी नई पहचान गढ़ रही हैं। कटिहार की युवा महिला उद्यमी मीसा सिंह ने अपनी नवाचारी सोच और कारोबारी मॉडल के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
राष्ट्रपति भवन से विशेष निमंत्रण
फिशरी लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में किए गए उनके अभिनव कार्य के लिए उन्हें 15 अगस्त के अवसर पर राष्ट्रपति भवन से विशेष निमंत्रण मिला है। मीसा सिंह को 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू अपने हाथों से सम्मानित करेंगी। लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप के जरिए मछलियों के सुरक्षित संरक्षण और परिवहन की दिशा में किए गए उल्लेखनीय काम के लिए मीसा सिंह को यह सम्मान मिलेगा।
क्या करती हैं मीसा सिंह?
मीसा सिंह सदर प्रखंड स्थित छीटाबाड़ी की निवासी हैं। उन्होंने किशनगंज से एमएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई की है। वह वर्ष 2023 से अपने स्टार्टअप के माध्यम से लॉजिस्टिक्स, मार्केटिंग और ट्रांसपोर्टिंग के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। उनका फोकस शीघ्र खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के सुरक्षित परिवहन के लिए कोल्ड चेन, कोल्ड स्टोरेज और रेफ्रिजरेटेड ट्रकों के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देना है।
जरूरत को अवसर में बदल बनाई पहचान
पिछले दो वर्षों से फिशरी लॉजिस्टिक्स और कोल्ड चेन नेटवर्क पर काम कर रहीं मीसा सिंह ने बताया कि उन्होंने कृषि क्षेत्र में पढ़ाई की है। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें महसूस हुआ कि बिहार जैसे राज्य में मछली उत्पादन तो तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन की मजबूत व्यवस्था का अभाव है। इसी जरूरत को अवसर में बदलते हुए उन्होंने मछली परिवहन और कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स पर आधारित एक नया बिजनेस मॉडल विकसित किया, जो अब पहचान बना रहा है।
इनोवेटिव आइडिया को राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना
मीसा का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ कारोबार करना नहीं, बल्कि मछली उत्पादकों और व्यापारियों को बेहतर सप्लाई चेन उपलब्ध कराना है, ताकि किसानों और मत्स्य पालकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। उनके इसी इनोवेटिव आइडिया और उद्यमशीलता को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। सबसे खास बात यह है कि इस श्रेणी में राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण पाने वाली वह बिहार की एकमात्र युवा महिला उद्यमी हैं। इस उपलब्धि को लेकर मीशा बेहद उत्साहित हैं और इसे अपने परिवार, टीम और बिहार की बेटियों को समर्पित करती हैं।

