बीजेपी विधायक की हत्या की साजिश! गुमनाम पत्र मिलने के बाद जेल अधीक्षक समेत चार के खिलाफ FIR दर्ज

Neelam
By Neelam
4 Min Read

भोजपुर जिला के शाहपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राकेश रंजन उर्फ राकेश रंजन ओझा की हत्या की कथित साजिश से जुड़ा मामला सामने आया है। विधायक की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जिसमें भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक सहित चार लोगों को नामजद किया गया है। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

विधायक को मिला गुमनाम पत्र

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब विधायक के पैतृक गांव ओझवलिया स्थित आवास पर डाक के माध्यम से एक गुमनाम पत्र पहुंचा। विधायक के अनुसार, 8 जुलाई को उनके पैतृक आवास ओझवलिया में डाक के माध्यम से उनके नाम से एक गुमनाम पत्र पहुंचा था। गुमनाम पत्र मिलने और पुलिस जांच के बाद करनामेपुर थाना में भागलपुर केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक समेत चार लोगों के विरुद्ध आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। 

प्राथमिकी में इन चार लोगों को नाम

विधायक राकेश रंजन ओझा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व उन्हें एक गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ था। पत्र में आरोप लगाया गया था कि भागलपुर केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा जेल में बंद आरा व्यवहार न्यायालय बम ब्लास्ट कांड के आरोपित लंबू शर्मा, बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के जोगिया गांव निवासी कुबेर मिश्रा तथा सोनबरसा गांव निवासी हरीश मिश्रा के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं।

जेल अधीक्षक पर मिलीभगत का गंभीर आरोप

​विधायक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, जेल अधीक्षक की सीधी मिलीभगत से जेल के भीतर यह खौफनाक षड्यंत्र रचा जा रहा था। पत्र में यह भी दावा किया गया था कि विधायक की हत्या के लिए हैंड ग्रेनेड की व्यवस्था की जा रही है और लंबू शर्मा के कथित शूटर के माध्यम से योजना बनाई जा रही है। गुमनाम पत्र में आरोप लगाया गया कि जेल अधीक्षक नियमों को ताक पर रखकर दोनों बंदियों को उनकी सेल से बाहर निकालते थे और उन्हें घंटों अलग स्थान पर बातचीत करने की छूट देते थे, ताकि इस आपराधिक योजना को आसानी से अमली जामा पहनाया जा सके।

पुलिस कर रही मामले की जांच

इस मामले में पुलिस अधीक्षक भोजपुर ने बताया कि एक गुमनाम पत्र के माध्यम से विधायक को धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। पत्र भेजने वाले ने अपना नाम विकास कुमार और पता शाहपुर भोजपुर लिखा था, लेकिन पुलिस अभी तक उसकी वास्तविक पहचान की पुष्टि नहीं कर पाई है।

विधायक के पिता एवं भाजपा नेता की भी हुई थी हत्या

पुलिस मामले की गंभीरता से जांच करने में जुटी है। विधायक के परिवार का पुराना आपराधिक और राजनीतिक संघर्ष रहा है। वर्ष 2016 में विधायक के पिता एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की शाहपुर के सोनबरसा बाजार के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड में हरीश मिश्रा और उसका भाई ब्रजेश मिश्रा मुख्य आरोपियों में शामिल थे और जेल गए थे। इसके अलावा, 16 अप्रैल 2025 को खुद विधायक राकेश रंजन ओझा पर भी गोलीबारी की एक घटना हो चुकी है, जिसकी प्राथमिकी शाहपुर थाने में दर्ज है।

Share This Article