मैनुअल लोडिंग की मांग ने पकड़ा तूल, मधुबन कोलवाशरी में मजदूरों और महिलाओं से मारपीट का आरोप; JMM ने संभाला मोर्चा

Reena Sharma
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धनबाद। बीसीसीएल के ब्लॉक दो क्षेत्र के अंतर्गत संचालित मधुबन कोलवाशरी में कोल डस्ट की लोडिंग पेलोडर के बजाय मैनुअल तरीके से कराने की मांग को लेकर मजदूरों का आंदोलन शुरू हो गया है। कोल माइंस वर्क यूनियन के बैनर तले स्थानीय मजदूर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के पहले दिन ही धरना दे रहे मजदूरों और महिलाओं के साथ कथित मारपीट को लेकर विवाद बढ़ गया और क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

लोडिंग शुरू होने का विरोध, मारपीट का आरोप

आंदोलनकारियों का कहना है कि धरना जारी रहने के बावजूद कोलवाशरी में लोडिंग शुरू कर दी गई। इसका विरोध करने के लिए मजदूर और महिलाएं लोडिंग स्थल पर पहुंचीं। इसी दौरान खानुडीह के पूर्व मुखिया गोपाल महतो के समर्थकों के वहां पहुंचने और मजदूरों के साथ धक्का-मुक्की एवं मारपीट करने का आरोप लगाया गया।

धरना दे रहे लोगों का आरोप है कि इस दौरान लाठी-डंडे और रॉड का इस्तेमाल किया गया। कुछ महिलाओं और बुजुर्गों के घायल होने की बात भी आंदोलनकारियों की ओर से कही गई है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय मौके पर सीआईएसएफ के जवान मौजूद थे।

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घटना के बाद मौके पर पहुंचे विधायक

घटना की सूचना मिलने के बाद निरसा विधायक अरूप चटर्जी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत मजदूरों से बातचीत की। उनके साथ जेएमएम के केंद्रीय सदस्य डब्लू महथा और प्रखंड अध्यक्ष समेत अन्य कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे।

जेएमएम नेताओं ने मजदूरों की मैनुअल लोडिंग की मांग का समर्थन करते हुए आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस दौरान कोलवाशरी में ट्रांसपोर्टिंग को भी रोक दिया गया।


बीसीसीएल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

आंदोलनकारी मजदूरों और नेताओं ने बीसीसीएल प्रबंधन पर स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पिछले करीब दो वर्षों से स्थानीय ग्रामीण रोजगार की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
आंदोलनकारियों के अनुसार, पेलोडर से लोडिंग कराने के बजाय स्थानीय मजदूरों को मैनुअल लोडिंग का काम दिया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिल सके।

जीएम और पीओ पर भी लगाए आरोप

मजदूरों ने बीसीसीएल के जीएम और कोलवाशरी के पीओ पर भी मनमानी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण आंदोलन की स्थिति बनी है।

वहीं, कथित मारपीट की घटना को लेकर पीड़ित महिलाओं ने खानुडीह के पूर्व मुखिया गोपाल महतो और उनके समर्थकों पर हमला करने का आरोप लगाया है। आंदोलनकारियों ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल मैनुअल लोडिंग की मांग को लेकर मजदूरों का धरना जारी है। मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन एवं सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर बनी हुई है।

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