छतरपुर: छतरपुर समेत आसपास के प्रखंडों में पिछले डेढ़ वर्ष से चल रहे मिट्टी और मोरम के अवैध उठाव के मामले में अब खनन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। वित्त मंत्री की सख्त नाराजगी के बाद विभाग ने पांच नामजद समेत कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात वित्त मंत्री ने देवगन के रोगनिया जंगल में छापेमारी कर मिट्टी और मोरम को बिहार ले जा रहे तीन ट्रेलर तथा एक पोकलेन मशीन को जब्त किया था। जांच में सामने आया कि खनन माफिया गिरिडीह निवासी एकलव्य कुमार के चालान का इस्तेमाल कर अवैध परिवहन कर रहे थे। जेम्स पोर्टल पर संबंधित जिम्स नंबर 02062036301 बताया गया है।
आरोप है कि कार्रवाई के बाद भी जिला खनन विभाग ने शुरू में मामले को गंभीरता से नहीं लिया। विभाग ने केवल जब्त वाहनों की जब्ती सूची तैयार कर थाना को सौंप दी और किसी भी माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया। वहीं जब्त वाहनों से जुर्माने की राशि वसूल कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश भी की गई।
मामले की जानकारी मिलने पर वित्त मंत्री ने उपायुक्त को कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद खनन विभाग हरकत में आया और तीसरे दिन छतरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
खान निरीक्षक शुभम कुमार द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में हर्षवर्धन सिंह (पिता बिनोद सिंह, लेंबोखाप, नबीनगर, औरंगाबाद), राहुल सिंह (पिता महानंद सिंह उर्फ चुन्नू सिंह, सुल्तानी, हरिहरगंज), बिट्टू सिंह (पिता संजय सिंह, ढिबर पीपरा, कुटुंबा, औरंगाबाद), अमर सिंह (पिता सुनील सिंह, नबीनगर) तथा प्रियांशु सिंह (पिता मिथिलेश सिंह, नबीनगर) को नामजद आरोपी बनाया गया है।
इसके अलावा जब्त किए गए चारों वाहनों के मालिकों और चालकों को अज्ञात अभियुक्त मानते हुए मामला दर्ज किया गया है। पुलिस और खनन विभाग अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गए हैं।

