Bihar:बिहार में अब 7 दिन में होगी जमीन की मापी, पैमाइश की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

Reena Sharma
3 Min Read

बिहार में जमीन से जुड़े मामलों को आसान बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही हैं। इसी क्रम में जमीन के नापजोख के लिए समय सीमा तय कर दी है। नई व्यवस्था के अनुसार अब आवेदन आने के सात दिन के अंदर जमीन का माप हो जाएगा। इस बात की जानकारी राज्य के उप मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दी।

जमीन पैमाइश की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

इस नई व्यवस्था के तहत अब जमीन की पैमाइश की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे आम जनता को सरकारी दफ्तरों और बिचौलियों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।

Advertisement

नई व्यवस्था से आएगी पारदर्शिता

डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा का कहना है कि नई व्यवस्था से लोगों को राहत मिलेगी और मापी से जुड़े मामलों में पारदर्शिता आएगी। अब महीनों तक इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। नई व्यवस्था के तहत अविवादित जमीन की मापी अब सिर्फ 7 दिन में पूरी होगी। वहीं, विवादित मामलों में भी अधिकतम 11 दिन के भीतर मापी कर दी जाएगी। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा और मापी रिपोर्ट 14 दिन के भीतर पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी। पहले इस पूरी प्रक्रिया के लिए 30 दिन तक का समय लगता था।

भूमि के माप का शुल्क तय

राजस्व विभाग की नई व्यवस्था में जमीन का माप कराने के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। यदि जमीन ग्रामीण क्षेत्र में है तो इसके नापजोख के लिए प्रति खेसरा 500 रुपये शुल्क देना होगा। यदि जमीन शहरी इलाके में है तो यह शुल्क 1000 रुपये होगा। इसके अलावा तुरंत माप कराने के लिए दोगुना शुल्क देना होगा।

लंबित मामलों के निपटारे के लिए अभियान

सरकार जमीनों के माप से जुड़े लंबित मामलों का निपटारा करने के लिए अभियान भी चलाने वाली है। यह अभियान 26 जनवरी को शुरू होगा और 31 मार्च को समाप्त होगा। यानी राजस्व विभाग जारी वित्तीय वर्ष में ही भूमि के माप से जुड़े अधिकतम विवादों को हल कर देना चाहती है।

सात निश्चय-3 योजना से जुड़ा कदम

यह फैसला बिहार सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देना है। जिससे आम लोगों को जमीन से जुड़े कामों में कम परेशानी हो और समय की बचत हो।

Share This Article