बाघमारा। बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन, कोयला चोरी और अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से सीआईएसएफ ने शुक्रवार को व्यापक अभियान चलाया। ड्रोन सर्विलांस, एरिया डोमिनेशन, मोबिलाइजेशन ड्रिल और संयुक्त कार्रवाई के जरिए कई संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की गई। अभियान के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में स्थिति सामान्य पाई गई, जबकि अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है।
एरिया-01 बरोरा में ड्रोन सर्विलांस के दौरान पुराने रैट-होल, शताब्दी कोल डंप और अन्य चिन्हित हॉटस्पॉट का निरीक्षण किया गया। जांच में कहीं भी सक्रिय अवैध खनन या संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली।
एरिया-03 गोविंदपुर में भी ड्रोन के माध्यम से चिन्हित हॉटस्पॉट की निगरानी की गई। सभी क्षेत्र सामान्य पाए गए और कहीं भी अवैध खनन के प्रमाण नहीं मिले।
एरिया-05 सिजुआ के लोयाबाद पांच नंबर बस्ती के समीप चिन्हित अवैध उत्खनन स्थल पर बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा भराई का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
एरिया-06 धनसार में एसएनआर माइंस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों के प्रवेश की सूचना पर सीआईएसएफ के एरिया कमांडर और कंपनी कमांडर दो क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा बल को देखते ही संदिग्ध लोग फरार हो गए। इसके बाद उनके संभावित भागने के रास्ते की पहचान कर उसे तत्काल बंद कराने के लिए नोडल सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए।
इधर बीके-II एरिया के रीजनल स्टोर एवं वर्कशॉप परिसर में 39 जवानों की भागीदारी से मोबिलाइजेशन ड्रिल और एरिया डोमिनेशन अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
वहीं पाथरडीह (पीसीडब्ल्यू) के न्यू वेटब्रिज और न्यू वाशरी क्षेत्र में 15 जवानों तथा सुदामडीह (एसएमडी) वाशरी क्षेत्र में 19 जवानों की सहभागिता से मोबिलाइजेशन ड्रिल एवं एरिया डोमिनेशन कराया गया। दोनों स्थानों पर स्थिति पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण रही।
अभियान के दौरान बीसीसीएल, सीआईएसएफ और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में विभिन्न क्षेत्रों के छह अवैध खनन मुहानों की सफलतापूर्वक भराई की गई। इससे अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में सफलता मिली।
सीआईएसएफ ने स्पष्ट किया कि ड्रोन के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी जारी रहेगी। बीसीसीएल प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर अवैध खनन, कोयला चोरी और अवैध परिवहन के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

