घाघीडीह जेल पहुंचे उपायुक्त; कैदियों के बीच अचानक पहुंचे DC ने जेल प्रशासन को दी क्या चेतावनी?

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर:जेलों में बंदियों की सुरक्षा और संप्रेक्षण गृह में रह रहे किशोरों के भविष्य को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। इसी कड़ी में जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने केंद्रीय कारा घाघीडीह, साकची जेल और संप्रेक्षण गृह का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने साफ किया कि कैदियों और किशोरों को मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा से लेकर मानवाधिकारों और सुविधाओं तक, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

घाघीडीह सेंट्रल जेल: ‘रिहाई के बाद सम्मानजनक जीवन जी सकें बंदी’
​उपायुक्त ने घाघीडीह केंद्रीय कारागार पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने बैरकों, भोजनालय (मेस), अस्पताल, पेयजल व्यवस्था और साफ-सफाई की जांच की।
मानक सुविधाएं जरूरी: DC ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि हर बंदी को तय मानकों के तहत बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
पुनर्वास पर जोर: जेल में चल रहे कौशल विकास और शिक्षा कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य बंदियों को सजा देने के साथ-साथ उनका सकारात्मक पुनर्वास करना भी है, ताकि वे रिहा होने के बाद समाज में एक सम्मानजनक जीवन जी सकें।

साकची जेल: सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा
​घाघीडीह के बाद उपायुक्त साकची कारा पहुंचे। यहां उन्होंने कैदियों की संख्या और जेल की क्षमता के संतुलन को देखा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि जेल की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और सुरक्षा ग्रिड को हमेशा अलर्ट मोड पर रखा जाए।

संप्रेक्षण गृह: बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर विशेष ध्यान
​निरीक्षण का सबसे अहम हिस्सा संप्रेक्षण गृह का दौरा रहा। उपायुक्त ने वहां रह रहे किशोरों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को जाना।
DC का विजन: संप्रेक्षण गृह में रह रहे बच्चों और किशोरों के सर्वांगीण विकास और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक और अनुकूल माहौल देना बेहद जरूरी है।

अधिकारियों को मिले ये खास निर्देश
​किशोरों के लिए नियमित रूप से शैक्षणिक गतिविधियां और खेलकूद का आयोजन हो। उनके हुनर को निखारने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू किया जाए। उनके भविष्य निर्माण और काउंसलिंग के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

मौके पर मौजूद रहे आला अधिकारी
​इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के साथ एसडीएम धालभूम, एडीसी, कारा अधीक्षक सहित जिला प्रशासन और जेल प्रबंधन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। उपायुक्त ने सभी को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और व्यवस्थाओं को अप-टू-डेट रखें।

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