धनबाद – बंद खदानों का होगा कायाकल्प, नौकायन-ट्रैकिंग से इको-टूरिज्म तक बनेगी नई पहचान

Reena Sharma
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उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में माइन्स क्लोजर एडवायजरी कमिटी की बैठक हुई। बैठक में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के सभी 12 क्षेत्रों में खनन गतिविधियां समाप्त होने के बाद प्रभावित इलाकों के सामुदायिक विकास और स्थानीय लोगों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर चर्चा की गई।

बैठक में प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आजीविका से जोड़ने के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया। कृषि, हस्तशिल्प, पॉल्ट्री फार्मिंग, सिलाई, आईटी कौशल, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।

पर्यावरण संरक्षण के लिए बागवानी, मधुमक्खी पालन, स्थानीय प्रजातियों के पौधारोपण, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि बंद हो चुकी खदानों का कायाकल्प कर उन्हें नौकायन, ट्रैकिंग और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सकता है। प्रभावित जल निकायों का पुनरुद्धार और सौर ऊर्जा व बायोगैस परियोजनाएं भी शुरू की जा सकती हैं।

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उपायुक्त ने महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सहायता के लिए विशेष योजनाएं लागू करने की बात कही। साथ ही सार्वजनिक परिसंपत्तियों के रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय समुदायों, स्वयं सहायता समूहों और प्रभावित परिवारों को देने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक विकास के लिए दीर्घकालिक आजीविका पर विशेष ध्यान देना होगा। सभी योजनाएं डीएमएफटी एवं जेआरडीए पीएमयू के पास भेजी जाएंगी और यूटिलिटी रिपोर्ट के बाद समिति द्वारा उन्हें स्वीकृति दी जाएगी। इसके लिए पीएमयू को और मजबूत किया जाएगा।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री विकास पालीवाल, जिला खनन पदाधिकारी श्री रितेश राज तिग्गा, बीसीसीएल के एचओडी इनवायरमेंट श्री सौद अनवर, बीसीसीएल के सभी 12 एरिया के प्रोजेक्ट ऑफिसर, प्रभावित पंचायतों के मुखिया समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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