15 साल तक ‘किस्त’ देते रहे गोलमुरी के बुजुर्ग, जीवन बीमा के नाम पर ₹48 लाख की महा-ठगी, पुलिस ने जारी की एडवायजरी

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : साइबर अपराधी आम लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसका एक बेहद चौंकाने वाला मामला जमशेदपुर के गोलमुरी इलाके से सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग को झांसा देकर साइबर ठगों ने पिछले 15 सालों से लगातार ठगा और कुल 48 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली। यह मामला सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि इस बात का बड़ा सबक है कि साइबर अपराधी कैसे सालों-साल तक विश्वास का नाटक रचकर लोगों को अपना शिकार बनाए रख सकते हैं।

ऐसे बुना गया 15 साल लंबा जाल
2011 में हुई शुरुआत: साइबर गिरोह ने साल 2011 में पीड़ित बुजुर्ग से संपर्क किया था।

बेहतर रिटर्न का लालच: शातिर अपराधियों ने उन्हें एक नामी कंपनी की ‘जीवन बीमा पॉलिसी’ का झांसा दिया।

मैच्योरिटी का झूठा भरोसा: पीड़ित को भरोसा दिलाया गया कि जब पॉलिसी की अवधि पूरी होगी, तो उन्हें एक मोटी रकम मिलेगी। इसी लालच में आकर पीड़ित पिछले 15 वर्षों से लगातार अपराधियों के बताए खातों में अपनी गाढ़ी कमाई की किस्तें जमा करते रहे।

ठगी का एहसास होने पर पुलिस में शिकायत
​जब पीड़ित बुजुर्ग को आखिरकार इस लंबी धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उन्होंने बिना देर किए शुक्रवार को साइबर थाना का दरवाजा खटखटाया और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

साइबर पुलिस की आम जनता से अपील: सतर्क रहें
​इस बड़ी घटना के बाद साइबर पुलिस ने आम जनता को सचेत रहने की सख्त हिदायत दी है और एक एडवायजरी जारी की है।
सत्यापन है जरूरी: किसी भी अज्ञात फोन कॉल पर बीमा पॉलिसी या लुभावने रिटर्न के झांसे में न आएं। पैसे ट्रांसफर करने से पहले कंपनी के आधिकारिक दफ्तर में जाकर जांच करें।

जल्दी करें रिपोर्ट: अगर आपके साथ भी इस तरह का कोई संदिग्ध व्यवहार या साइबर फ्रॉड होता है, तो बिना देर किए तुरंत नजदीकी साइबर सेल में शिकायत करें या नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर सूचना दें।

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