​जमशेदपुर मास्टर प्लान 2026-27: ₹235.33 करोड़ के बजट में जानिए आपके मोहल्ले को क्या मिला

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क/जमशेदपुर:देश के सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी जगह मजबूत कर चुके जमशेदपुर की तस्वीर अब और बदलने वाली है। जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹235.33 करोड़ के मास्टर बजट को मंजूरी दे दी है। इस बजट का सीधा लक्ष्य शहर की 7 से 9 लाख की आबादी और 56 वर्ग किलोमीटर में फैले पूरे इलाके के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना है। पिछले साल के ₹220.34 करोड़ के बजट के मुकाबले इस बार 6.8% की बढ़ोतरी की गई है। जानिए इस नए बजट से जमशेदपुर वासियों की जिंदगी में क्या बदलाव आने वाले हैं।

पैसा कहां से आएगा और कहां खर्च होगा?
कमाई का स्रोत (कुल ₹182.77 करोड़): JNAC को केंद्र व राज्य सरकार से ₹166.80 करोड़ के अनुदान (15वें वित्त आयोग से ₹85 करोड़ शामिल) मिलेंगे। इसके अलावा दुकानों के किराए, नक्शा पास फीस और ट्रेड लाइसेंस से ₹15.97 करोड़ जुटाए जाएंगे।

विकास पर खर्च (कुल ₹235.33 करोड़)
​सड़क निर्माण: ₹32 करोड़
​नाली व नाला निर्माण: ₹20 करोड़
​सफाई व उपकरण खरीद: ₹46.50 करोड़
​स्ट्रीट लाइट व्यवस्था: ₹6.50 करोड़
​बस्ती विकास: ₹47.07 करोड़

आपके शहर और रोजमर्रा के जीवन में क्या-क्या बदलेगा?
सड़कों का होगा कायाकल्प (स्मार्ट ट्रैफिक):शहर की जर्जर सड़कों की मरम्मत के लिए ₹32 करोड़ का आवंटन किया गया है। व्यावसायिक और आवासीय दोनों क्षेत्रों की सड़कों को नए सिरे से बनाया जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।

जलजमाव से मुक्ति (ड्रेनेज सिस्टम):
मानसून के दौरान गलियों और मोहल्लों में भरने वाले पानी की समस्या से निपटने के लिए ₹20 करोड़ खर्च होंगे। बड़ी नालियों पर ₹7.50 करोड़ अतिरिक्त खर्च कर उन्हें पक्का बनाया जाएगा।

अंधेरे से मुक्ति (7 गुना बढ़ा लाइट बजट)
खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का बजट 50 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹3.50 करोड़ कर दिया गया है। नई लाइटों और हाई-मास्ट पोल के लिए अलग से ₹3 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

कचरा प्रबंधन व लिगेसी वेस्ट
सालों से जमा पुराने कचरे के वैज्ञानिक निपटारे के लिए बजट में पहली बार ₹1 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। कचरा ढोने वाले नए वाहनों की खरीद पर ₹27.50 करोड़ खर्च होंगे।

बस्तियों और झुग्गियों का उत्थान
गरीब और झुग्गी-झोपड़ी इलाकों में सड़क, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं के लिए बजट बढ़ाकर ₹47.07 करोड़ कर दिया गया है।

बजट में पहली बार जोड़े गए ये खास प्रावधान
रेरा पंजीकरण फीस: जेएनएसी भवन निर्माण और दुकानों के नियमन के लिए पहली बार रेरा फीस के रूप में ₹10 लाख की राशि रखेगी।
इमरजेंसी व आपदा फंड: भारी बारिश, तूफान या आपात स्थिति से निपटने के लिए पहली बार ₹10 लाख का इमरजेंसी फंड तैयार किया गया है।
ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण: शहर के महापुरुषों की मूर्तियों और ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार पर ₹1 लाख खर्च किए जाएंगे।
​प्रशासन का कहना है कि हमारा लक्ष्य शहर के हर नागरिक को बेहतर से बेहतर सुविधाएं देना है। नई सड़कों के निर्माण, प्रकाश व्यवस्था और जलजमाव से मुक्ति की योजना पर तेजी से काम शुरू होगा।

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