बिहार में जमीन रजिस्ट्री होगी हाईटेक और पारदर्शी, खरीद से पहले जमीन की खाता-खेसरा से लेकर विक्रेता तक की मिलेगी पूरी जानकारी

KK Sagar
4 Min Read

बिहार में जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित होने जा रही है। राज्य सरकार ने रैयती जमीन के निबंधन से पहले खरीदारों को संबंधित जमीन की पूरी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग संयुक्त रूप से नई व्यवस्था लागू करने जा रहे हैं। संभावना है कि इसी महीने से यह व्यवस्था पूरे बिहार में लागू कर दी जाएगी।

सरकार का मानना है कि अधूरी जानकारी के कारण जमीन खरीद-बिक्री में अक्सर विवाद, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती हैं। इसी को रोकने के लिए अब जमीन रजिस्ट्री से पहले खरीदारों को जमीन की पूरी स्थिति की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत सभी अंचल अधिकारियों (CO) को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और जमीन निबंधन के लिए मोबाइल यूनिट भी तैयार कर ली गई है।

पोर्टल पर देनी होगी 13 तरह की जानकारी

नई व्यवस्था के अनुसार जमीन रजिस्ट्री के लिए आवेदकों को निबंधन पोर्टल पर जमीन से जुड़ी 13 महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज करनी होंगी। इसमें निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता संख्या, खेसरा संख्या, भूमि का रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी, जमाबंदी धारक का नाम, खरीदार और विक्रेता का पूरा विवरण शामिल रहेगा।

इन जानकारियों के आधार पर संबंधित अंचलाधिकारी जमीन और दस्तावेजों की जांच करेंगे। जांच पूरी होने के बाद 10 दिनों के भीतर आवेदकों को एसएमएस के माध्यम से जमीन की पूरी स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे खरीदारों को पहले ही पता चल जाएगा कि जमीन पर कोई विवाद, मुकदमा, सरकारी रोक या बैंक लोन तो नहीं है।

विवादित जमीन की बिक्री पर लगेगी रोक

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से विवादित और फर्जी जमीन की बिक्री पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। अब खरीदार बिना पूरी जानकारी के जमीन नहीं खरीदेंगे, जिससे भविष्य में कानूनी विवाद कम होंगे। यह व्यवस्था सात निश्चय-3 के तहत “सबका सम्मान, जीवन आसान” योजना के अंतर्गत लागू की जा रही है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने 16 फरवरी को सभी जिलाधिकारियों को संयुक्त पत्र भेजकर इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए थे। पत्र में स्पष्ट कहा गया था कि अधूरी जानकारी के कारण जमीन रजिस्ट्री के बाद कई अनावश्यक विवाद सामने आ रहे हैं।

सीएम सम्राट चौधरी करेंगे “सहयोग पोर्टल” का शुभारंभ

इधर बिहार सरकार आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए भी नई पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को “सहयोग पोर्टल” का शुभारंभ करेंगे। यह पोर्टल बिहार सरकार का रीयल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम होगा, जिसके जरिए लोग अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक शिकायत की स्थिति देख सकेंगे, रिमाइंडर भेज सकेंगे और समाधान के बाद अपनी प्रतिक्रिया भी दे सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे शिकायत निवारण प्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।

पंचायत स्तर पर लगेंगे सहयोग शिविर

आम लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार पंचायत स्तर पर “सहयोग शिविर” भी आयोजित करेगी। 19 मई से हर महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे।

सरकार का कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था से जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को फर्जीवाड़े से राहत

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....