NEET पेपर लीक पर SC की केंद्र सरकार को फटकार, हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

Reena Sharma
4 Min Read

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 में कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने केंद्र सरकार से साफ कहा कि परीक्षाओं में बार-बार होने वाली गड़बड़ियां अब नहीं चल सकतीं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस मामले में एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करे। इस हलफनामे में सरकार को यह बताना होगा कि भविष्य में  पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या व्यवस्था बनाई जाएगी और कौन से कदम उठाए जाएंगे।

परीक्षा प्रणाली में आ रही कमियों को दूर करना होगा

जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार को परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही कमियों को दूर करना होगा। कोर्ट ने कहा कि वह इस पूरे मामले पर लगातार नजर रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी हो।

Advertisement

हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने, राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के मॉडल को अपनाने के लिए क्या कदम उठा रही है। पीठ ने सरकार से कहा कि हम चाहते हैं कि व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद हो। सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा सुधारों को लागू करने की दिशा में हुई प्रगति पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने पूछा-सुधारों की स्थायी व्यवस्था के लिए क्या कदम उठाए गए

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि हलफनामे में यह बताया जाना चाहिए कि सुधारों को स्थायी व्यवस्था के रूप में लागू करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। केवल अस्थायी उपायों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।

ऑनलाइन परीक्षा को लेकर भी पूछे अहम सवाल

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या भविष्य में NEET-UG को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)बनाने की कोई योजना है। कोर्ट ने सरकार से यह भी जानना चाहा कि यदि परीक्षा ऑनलाइन कराई जाती है तो डेटा की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? साइबर हमलों से कैसे बचाव होगा? उम्मीदवारों की जानकारी सुरक्षित रखने के लिए क्या व्यवस्था होगी? परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से कितना मजबूत बनाया जाएगा? कोर्ट ने कहा कि सरकार इन सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी दे।

सुधारों की स्थिति पर भी रिपोर्ट मांगी

पीठ ने परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण में किए जा रहे सुधारों की स्थिति रिपोर्ट भी मांगी है। इसमें परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद की व्यवस्था शामिल है। कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि राज्य और जिला अधिकारियों के साथ परीक्षा प्रणाली में सुधार, कई चरणों में परीक्षा कराने की व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों, प्रश्न पत्रों की तैयारी, छपाई और उन्हें पहुंचाने की प्रक्रिया में कितनी प्रगति हुई है।

Share This Article