बिहार में अश्लील और जातिसूचक गाना बजाने वालों की खैर नहीं, खानी पड़ सकती है जेल की हवा

Reena Sharma
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बिहार में अब सार्वजनिक स्थानों और शादी समारोहों में अश्लील, डबल मीनिंग और जातिसूचक गाने बजाने वालों की अब खैर नहीं होगी. सरकार ने ऐसे गीतों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी देते हुए कहा गया है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इसको लेकर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने गृह विभाग को एक पत्र भेजा है।

कला एवं संस्कृति विभाग ने गृह विभाग को लिखा पत्र

कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने गृह विभाग को पत्र लिखकर ऐसे गीतों के प्रसारण पर सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। चिट्ठी में कहा गया है कि समाज में विभाजनकारी भावनाओं को भड़काने वाले अश्लील, दोहरे अर्थ वाले और जातिवादी गीत राज्य में विभिन्न सार्वजनिक स्थानों, आयोजनों, बाजारों, वाहनों, विवाह समारोहों तथा अन्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में खुलेआम बजाए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा मिलने के बजाय अश्लीलता, हिंसक घटनाओं, परस्पर घृणा, वैमनस्य, कटुता और अशांति बढ़ रही है।

महिलाओं और बच्चों पर नकारात्मक असर

पत्र में यह भी कहा गया है कि अश्लील और द्विअर्थी गीत महिलाओं और बच्चों पर नकारात्मक असर डालते हैं। सार्वजनिक जगहों पर ऐसे गाने बजने से कई लोग असहज महसूस करते हैं। इससे सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण भी प्रभावित होता है।

ऐसे गीतों के प्रसारण रोकने के निर्देश

सरकार का मानना है कि यह केवल संस्कृति से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि एक गंभीर सामाजिक मुद्दा भी है. इसलिए इस पर प्रभावी रोक लगाने की जरूरत है। विभाग ने गृह विभाग से अनुरोध किया है कि सार्वजनिक स्थलों, आयोजनों और अन्य माध्यमों से ऐसे गीतों के प्रसारण पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज में सकारात्मक और स्वस्थ माहौल कायम रखा जा सके।

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