डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: झारखंड को नशामुक्त बनाने की दिशा में पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिला प्रशासन ने एक बड़ी मुहिम का नेतृत्व किया है। 10 जून से शुरू हुए राज्यव्यापी मादक पदार्थ विरोधी जागरूकता अभियान का समापन एक ऐतिहासिक संदेश के साथ हुआ। समाहरणालय से लेकर साकची गोलचक्कर तक मील लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई, जिसमें हजारों की संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं और आम नागरिकों ने हाथ से हाथ मिलाकर नशामुक्त समाज का संकल्प लिया। उपायुक्त ने इस विशाल जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान जिला प्रशासन के तमाम वरीय अधिकारी जैसे उप विकास आयुक्त और अपर उपायुक्त भी सड़क पर उतरकर इस अभियान का हिस्सा बने।

सिर्फ कानून से नहीं, जन-भागीदारी से मिटेगा नशा
समापन समारोह के दौरान उपायुक्त ने सभी प्रतिभागियों को जीवन में कभी भी मादक पदार्थों का सेवन न करने की शपथ दिलाई। युवाओं को देश की असली ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस या कानून के भरोसे नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज के हर नागरिक को आगे आना होगा। हमारी युवा पीढ़ी को ड्रग्स और नशापान से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल और रचनात्मक कार्यों में लगानी चाहिए।
डिजिटल हस्ताक्षर अभियान और गूंजे नारे
साकची गोलचक्कर के पास एक विशेष हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन के अधिकारियों से लेकर छात्रों तक, हर किसी ने बोर्ड पर साइन करके नशामुक्त झारखंड बनाने का वादा दोहराया। रैली में शामिल बच्चे और युवा हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां और बैनर थामे हुए थे, जो राहगीरों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत कर रहे थे।
16 दिनों तक जिले में चला अवेयरनेस ब्लास्ट
आपको बता दें कि यह अभियान 10 जून से 26 जून तक पूरे झारखंड में जोर-शोर से चलाया गया। इन 16 दिनों के भीतर पूर्वी सिंहभूम के अलग-अलग स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और शहरी इलाकों में नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को भावुक और जागरूक किया गया। सेमिनार और डिबेट आयोजित कर युवाओं के विचार जाने गए। रैलियों और खेलकूद प्रतियोगिताओं के जरिए हेल्दी लाइफस्टाइल का संदेश दिया गया।
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान सिर्फ 26 जून तक सीमित नहीं था। समाज को इस सामाजिक बुराई से पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए आने वाले दिनों में भी जमशेदपुर और इसके आस-पास के इलाकों में ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।

