बिहार की सियासत में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अंदर सियासी खींचतान बढ़ती दिख रही है। जेडीयू ने अपने ही सांसद की सदस्यता को खत्म करने की मांग की है। पार्टी ने लोकसभा स्पीकर को औपचारिक रूप से पत्र देकर पार्टी के बांका से सांसद गिरधारी यादव को अयोग्य ठहराने की सिफारिश की है। पार्टी ने उन पर ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है।
लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस सौंपी
जेडीयू संसदीय दल के नेता दिलेश्वर कामैत ने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर उन्हें औपचारिक नोटिस सौंपा है। जेडीयू ने गिरधारी यादव की सदस्यता को रद्द कराने के लिए लोकसभा स्पीकर को सबूत के तौर पर कई दस्तावेज भी सौंपे हैं।
ये है विवाद की वजह कारण
पार्टी सूत्रों के मुताबिक गिरधारी यादव पर लंबे समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। विवाद का मुख्य कारण विधानसभा चुनाव में गिरिधारी यादव के बेटे का आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ना है। जेडीयू का आरोप है कि सांसद ने अपनी पार्टी के खिलाफ जाकर अपने बेटे के लिए चुनाव प्रचार किया। पार्टी इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने पर अड़ी है।
कई मौकों पर पार्टी लाइन से हटकर दिया बयान
यही नहीं, जेडीयू नेतृत्व के अनुसार गिरधारी यादव ने कई मौकों पर पार्टी लाइन से हटकर रुख अपनाया। SIR के मुद्दे पर यादव ने सार्वजनिक रूप से पार्टी स्टैंड के खिलाफ बयान दिया। हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा जब बांका पहुंची तो यादव ने यह कहते हुए कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया कि उन्हें बुलाया नहीं गया। पार्टी का कहना है कि ये सभी गतिविधियां स्पष्ट रूप से एंटी-पार्टी रुख दर्शाती हैं।
नीतीश कुमार के करीबी माने जाते रहे हैं
बता दें कि गिरिधारी यादव सीएम नीतीश कुमार के करीबी माने जाते रहे हैं। लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद से पार्टी उनसे खफा है। 2025 के विधानसभा चुनाव में गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश रंजन ने आरजेडी का दामन थामकर चुनावी मैदान में उतर गए थे। चाणक्या प्रकाश रंजन बांका जिले के बेलहर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में थे। जबकि इस सीट से एनडीए की ओर से जदयू के मनोज विधायक उम्मीदवार थे। चुनाव में चाणक्या प्रकाश रंजन 37,206 वोटों से हार गए। मनोज यादव ने 1,15,393 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की।

