बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते हौसले ने सरकार की नींद उड़ा दी है। बीते 24 घंटों के भीतर राज्य में दो सनसनीखेज हत्याओं और पुलिस मुठभेड़ की घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीएम और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। जहां उन्होंने लॉ-एंड-ऑर्डर को लेकर बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं।
डायल 112 को और मजबूत बनाने पर जोर
बैठक में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि जघन्य अपराधों में तत्काल कार्रवाई हो। खासकर बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों में आरोपी की जल्द गिरफ्तारी, चार्जशीट और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डायल 112 को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।
‘जीरो टॉलरेंस’ पर जोर
मुख्यमंत्री ने राज्य में महिला सुरक्षा, विशेषकर बच्चियों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस को तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई करनी होगी। अनुसंधान को समय पर पूरा कर स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाई जाए। महिला थानों और हेल्पडेस्क को और अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाया जाएगा।
10-2 बजे तक कार्यालय में मौजूदगी का निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनता की समस्याओं के समाधान पर फोकस करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक सुधार लागू किया है। उन्होंने सभी डीएम, एसपी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे रोज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इस समय अवधि के दौरान अधिकारी आम लोगों से मिलेंगे और उनकी शिकायतों व समस्याओं का तत्काल निपटारा करेंगे।
दो महीने में रिजल्ट देने का निर्देश
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो महीने के भीतर बेहतर परिणाम देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता विकास के साथ-साथ मजबूत कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

