पश्चिमी सिंहभूम में नशे का जाल: 10 साल के बच्चे हो रहे शिकार, ‘आदिवासी किसान मजदूर पार्टी’ ने बुलंद की आवाज

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में बढ़ता नशा और बेलगाम अपराध अब चिंता का विषय बन गया है। जिले के झींकपानी और टोंटो प्रखंड समेत कई इलाकों में गांजा और ब्राउन शुगर की खुलेआम बिक्री ने नई पीढ़ी के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि 10 से 12 साल के मासूम बच्चे भी नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं।

गांव-गांव में बैठकों का दौर, प्रशासन से पुलिस पेट्रोलिंग की मांग
​आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा के नेतृत्व में सिंहपोखरिया, सेरेंगसिया और दो कट्टा जैसे कई गांवों में जन-चौपाल लगाई गई। इन बैठकों में ग्रामीणों ने क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियों पर गहरा रोष व्यक्त किया। पार्टी ने प्रशासन से मांग की है कि सिंहपोखरिया से सेरेंगसिया मार्ग पर तत्काल नियमित पुलिस पेट्रोलिंग शुरू की जाए।

नशा, आवारागर्दी और असुरक्षित सड़कें
​बैठक में स्थानीय लोगों ने कई गंभीर मुद्दे उठाए। बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिलों पर चार-चार युवक सवार होकर सड़कों पर हुड़दंग मचा रहे हैं। युवा बिना हेलमेट के वाहन चला रहे हैं और गांजा व ब्राउन शुगर के नशे में धुत होकर दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। रोंगटा गार्डन और कचहरी तालाब जैसे सार्वजनिक स्थानों पर स्कूली बच्चे क्लास छोड़कर घूमते पाए जा रहे हैं, जिससे उनके भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है।

बढ़ते अपराध से ग्रामीण दहशत में
​नेताओं का आरोप है कि नशे की लत के कारण क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में भारी बढ़त हुई है। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए युवा अपराध की राह पकड़ रहे हैं।

उपायुक्त को सौंपा गया मांग पत्र
​इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष और जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया ने उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपा है। उन्होंने प्रशासन से सख्त लहजे में कहा है कि झींकपानी और टोंटो क्षेत्र में नशे के सौदागरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए।

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