बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास खाली करने को लेकर सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब सीएम सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि बंगला किसी की बपौती नहीं। लोगों को बंगले से मोह हो गया है। मां और बेटा सबको अलग घर चाहिए। उन्होंने कहा कि वो लोक सेवक हैं। जिस दिन उनके नेता और पार्टी का आदेश होगा, 24 घंटे के अंदर वो सीएम आवास खाली करेंगे और झोला उठाकर अपने निजी आवास में शिफ्ट हो जाएंगे।
ये राजतंत्र नहीं लोकतंत्र है-सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को शेखपुरा में आयोजित सहयोग शिविर को संबोधित करते हुए लालू परिवार पर जोरदार हमला बोला। सम्राट चौधरी ने कहा कि कुछ लोग सरकारी बंगले को अपनी विरासत समझते हैं, जबकि लोकतंत्र में ऐसा नहीं चलता। मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि मां को एक घर चाहिए और बेटे को दूसरा। यह कोई राजशाही नहीं है।
सीएम ने खुद का उदाहरण दिया
सीएम चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि हमारे खिलाफ कार्रवाई हो रही है, लेकिन कभी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि, मैं पिछले 10 वर्षों में कई बार मंत्री और उपमुख्यमंत्री बना, गृह मंत्री भी बना, लेकिन सरकारी घर में नहीं रहा। अपने निजी आवास में रहा।
नीतीश कुमार को दिया धन्यवाद
सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह तभी 1, अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में काम करने के लिए तैयार हुए, जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके लिए आग्रह किया। नीतीश कुमार को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें कोई नोटिस नहीं गया, लेकिन वह मुख्यमंत्री पद से हटते ही सीएम आवास खाली कर दूसरे आवास में चले गए। लोकतंत्र में लोग उसे देखना चाहते हैं जो जनता के सेवक होते हैं। मैंने मुख्यमंत्री आवास के सामने लोक सेवक का आवास भी लिखवा दिया है।
क्या है राबड़ी देवी का बंगला विवाद
बता दें कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दिया गया है। भवन निर्माण विभाग ने 27 मई 2026 को यह बंगला बिहार सरकार के दुग्ध एवं मत्स्य पालन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है। इसके बदले राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया है। विभाग की ओर से राबड़ी देवी को तीन बार नोटिस भेजा जा चुका है और बंगला खाली करने के लिए 15 दिनों का समय भी दिया गया है। हालांकि, राबड़ी देवी ने फिलहाल बंगला खाली करने से इनकार कर दिया है।

