धनबाद (निरसा)। गल्फरबाड़ी ओपी क्षेत्र के दूधिया पानी में सरकारी जमीन पर चल रहे कथित अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ ग्रामीण महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। लाठी-डंडे और पत्थरों से लैस महिलाओं ने खनन स्थल पर पहुंचकर कोयला निकाल रहे लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर भगा दिया। महिलाओं के तेवर देखकर मौके पर मौजूद सभी लोग वहां से फरार हो गए।

ग्रामीणों का आरोप है कि दूधिया पानी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर 20 से 25 कुआंनुमा अवैध खदानें बना दी गई हैं। इन खदानों से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर कोयला निकालकर आसपास के ईंट भट्ठों और अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है। लगातार हो रही ब्लास्टिंग और खनन गतिविधियों के कारण आसपास के घरों में दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि खनन स्थल के आसपास आने-जाने वाली युवतियों और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार एवं छेड़खानी की घटनाएं भी होती हैं। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने सबसे बड़ी चिंता रेलवे सुरक्षा को लेकर जताई है। उनका कहना है कि अवैध खनन स्थल से कुछ ही दूरी पर हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग गुजरता है। लगातार ब्लास्टिंग और गहरे गड्ढों के कारण रेलवे ट्रैक की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है और भविष्य में किसी बड़े रेल हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मामले की जानकारी कई बार प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद अवैध खनन का कारोबार दिन-रात जारी है।
स्थानीय निवासी मिंटू कुमार ने बताया कि रेलवे लाइन के समीप करीब 50 फीट गहरे गड्ढे खोदे जा चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो गांव के लोग और महिलाएं बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
आक्रोशित महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि यदि अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक नहीं लगी तो पूरे क्षेत्र के ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे और खुद मोर्चा संभालेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन को बड़े जनआंदोलन की चेतावनी दी है।

