आसनसोल/कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों में कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को आसनसोल नगर निगम के कुल्टी बोरो कार्यालय स्थित जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण शाखा में पुलिस और जांच अधिकारियों की टीम ने अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कार्यालय में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों से दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ की गई।
जांच टीम ने पंजीकरण से जुड़े रजिस्टरों, दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राज्य सरकार के निर्देश पर प्राप्त शिकायतों की जांच के तहत की गई है। हालांकि, जांच किस विशेष मामले को लेकर की जा रही है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल साझा नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में कहीं फर्जीवाड़ा, नियमों की अनदेखी या भ्रष्टाचार तो नहीं हुआ। यदि जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संभावना है कि आने वाले दिनों में राज्य के अन्य नगर निकायों और पंचायत कार्यालयों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नगरपालिकाओं के चेयरमैन और पंचायत प्रधानों से यह अधिकार वापस ले लिया है। अब केवल अधिकृत सरकारी अधिकारी ही प्रमाणपत्र जारी करेंगे। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना जारी करेगा।
राज्य सचिवालय नवान्न के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध जन्म प्रमाणपत्रों के मामले सामने आए हैं। इसके बाद सरकार ने 1997 से अब तक जारी सभी जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों की चरणबद्ध जांच कराने का निर्णय लिया है।
सरकार एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार कर उसे केंद्र सरकार के पोर्टल से जोड़ेगी। साथ ही घर-घर सर्वे कर प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जाएगा। वैध प्रमाणपत्र नहीं होने पर नियमानुसार सुनवाई के बाद प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे, जबकि फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

