रील के चक्कर में ‘जेल’: मालगाड़ी के इंजन में घुसकर वीडियो बनाना युवती को पड़ा भारी, RPF ने की बड़ी कार्रवाई

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स बटोरने कर चैंपियन बनने की चाहत आजकल के युवाओं पर इस कदर हावी है कि वे अपनी जान और कानून दोनों को ताक पर रख रहे हैं। ऐसा ही एक मामला पूर्व मध्य रेल के पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल से सामने आया है, जहां एक युवती को मालगाड़ी के इंजन में घुसकर रील बनाना बेहद महंगा पड़ गया। रेलवे सुरक्षा बल ने इसे सुरक्षा में गंभीर चूक मानते हुए युवती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?
​यह घटना काजरात नावाडीह रेलवे स्टेशन की है। बीते 1 जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक युवती मालगाड़ी के इंजन के भीतर बैठकर बड़े आराम से वीडियो शूट करती दिख रही थी। वीडियो के इंटरनेट पर तैरते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया और नबीनगर रोड आरपीएफ ने तुरंत इसकी जांच शुरू कर दी।

खुफिया इनपुट और तकनीकी जांच से पकड़ी गई रीलर
​आरपीएफ ने जब तकनीकी जांच और खुफिया तंत्र का सहारा लिया, तो वीडियो में दिख रही युवती की पहचान मेदिनीनगर की रहने वाली उर्मिला कुमारी के रूप में हुई। पता चला कि वह अपने एक रिश्तेदार के घर काजरात नावाडीह आई हुई थी। इसी दौरान उसने रेलवे स्टेशन परिसर और प्रतिबंधित मालगाड़ी के इंजन के अंदर जाकर वीडियो बनाया और उसे अपने इंस्टाग्राम व फेसबुक हैंडल पर अपलोड कर दिया।

आरपीएफ थाने में कबूला जुर्म, कोर्ट में होगी पेशी
​आरपीएफ द्वारा समन जारी किए जाने के बाद युवती नबीनगर रोड आरपीएफ पोस्ट पहुंची। पूछताछ के दौरान उसने माना कि वायरल वीडियो में वही है और लाइक्स के चक्कर में उसने यह कदम उठाया था।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
आरपीएफ ने युवती के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 147 (रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश) और धारा 145 (उपद्रव व अनुशासनहीन गतिविधि) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल युवती को बेल बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन उसे डाल्टनगंज की रेल न्यायिक दंडाधिकारी अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया है।

रेलवे की सख्त चेतावनी: यह मनोरंजन नहीं, अपराध है
​आरपीएफ इंस्पेक्टर आर.के. कच्छवाहा ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिना अनुमति के रेलवे इंजन, यार्ड या ट्रैक पर जाना न केवल कानूनन जुर्म है, बल्कि इससे जान भी जा सकती है। रेलवे परिसरों में रील बनाना कोई फैशन या मनोरंजन नहीं है। ऐसे मामलों में जेल और भारी जुर्माना दोनों हो सकता है। भविष्य में भी इस तरह की लापरवाही पर रेलवे का रुख बेहद सख्त रहेगा।

​’रील कल्चर’ पर रेलवे का कड़ा प्रहार
​पिछले कुछ समय में रेलवे ट्रैक, चलते पुलों और ट्रेनों के दरवाजों पर जानलेवा स्टंट और रील बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है, जिससे कई दर्दनाक हादसे भी हुए हैं। इस कार्रवाई के जरिए रेलवे ने उन सभी तथाकथित ‘कंटेंट क्रिएटर्स’ को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सोशल मीडिया की चंद सेकंड की लोकप्रियता के लिए सुरक्षा नियमों से खिलवाड़ करने वालों की अगली जगह सीधे कोर्ट या जेल होगी।

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