आसनसोल: पश्चिम बर्धमान जिले के रामपुर चेकपोस्ट पर कथित रिश्वतखोरी और ट्रक चालकों के उत्पीड़न के आरोपों के बाद राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मोटर वाहन निरीक्षकों (एमवीआई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की आपराधिक जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को सौंप दी गई है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, रामपुर चेकपोस्ट पर तैनात नाजिमुल हक और अनुपम बनर्जी पर आरोप है कि उन्होंने सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद झारखंड नंबर के एक मालवाहक ट्रक को रोककर चालक से 22 हजार रुपये की कथित रिश्वत मांगी। आरोप है कि जिस कर के नाम पर राशि की मांग की गई, उसे राज्य सरकार पहले ही समाप्त कर चुकी है। चालक द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर वाहन जब्त करने और अनावश्यक रूप से परेशान करने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत मिलते ही परिवहन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम बंगाल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1971 के तहत दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को सौंप दिया गया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और पद के दुरुपयोग के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि बिना वैध कारण रोके गए वाहनों को तत्काल छोड़ा जाए और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न न हो।
सरकार का कहना है कि प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी स्तर पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

